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वन एवं वन्यजीव प्रभाग में 90 लाख का एपीओ तैयार, केंद्र को भेजा गया

वन एवं वन्यजीव प्रभाग में 90 लाख का एपीओ तैयार, केंद्र को भेजा गया

संक्षेप:

Pilibhit News - एनुअल एक्शन ऑफ प्लान पर कई बिंदुओं को समाहित किया गया वन एवं वन्यजीव प्रभाग में 90 लाख का एपीओ तैयार, केंद्र को भेजा गयावन एवं वन्यजीव प्रभाग में 90 ल

Jan 13, 2026 04:46 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पीलीभीत
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पीलीभीत। हिटी टाइगर आउट साइड टाइगर रिजर्व (टीओटीआर) प्रोजेक्ट पर काम शुरू करा दिया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसके लिए एनुअल प्लान ऑफ एक्शन (कार्ययोजना) को बना कर केंद्र सरकार को भेजा गया है। जिससे 90 लाख की धनराशि का बजट पहले चरण में अवमुक्त हो सके। इसमें कराए जाने वाले कार्यों को शामिल किया गया है। पिछले दिनों केंद्र सरकार ने एक अहम निर्णय लिया था। जिसमे यह तय किया गया था कि अब टाइगर रिजर्व के अलावा सोशल फारेस्ट्री को भी मजबूत बनाया जाएगा। इसमें बताया गया था कि जब कभी मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना होती है तो वह जंगल के बाहरी क्षेत्र में ही देखी गई है।

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ऐसे समय में सोशल फारेस्ट्री डिवीजन यानि वन एवं वन्यजीव प्रभाग टाइगर रिजर्व पर ही आश्रित रहते है। इसकी वजह है कि वे पूर्ण रूप से दक्ष और संसाधनों से लैस नहीं होते हैं। इसी प्रक्रिया में अब सोशल फारेस्ट्री में टीओटीआर पर काम किया जाएगा। इसकी संपूर्ण कार्ययोजना को बनाया लिया गया है। ताकि इस बारे में केंद्र को प्रस्ताव भेज कर 90 लाख की धनराशि को अवमुक्त कराया जा सके। 00 प्रशिक्षण को जाएंगे कर्मी सबसे पहले सोशल फारेस्ट्री के कर्मियों मय डीएफओ और रेंजर एसडीओ को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कई जगह ऐसे टाइगर रिजर्व के सोशल फारेस्ट्री है जो इस काम को पूर्व से कर रहे हैं। ऐसे सोशल फारेस्ट्री में ही पूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा। कर्मियों को बारी बारी भेजा जाएगा। 00 संसाधनों की कमी पूरी होगी सोशल फारेस्ट्री में रेसक्यू वाहन से लेकर अन्य वाहनों की खरीद होगी। साथ ही बायलॉजिस्ट रखे जाएंगे। जो वन एंव वन्यजीव प्रभाग की गतिविधियों को प्रभावी तरह से अंजाम दे सकें। इसके अलावा कई स्तर पर तकनीकि दक्षता वाली ड्रोन ट्रेनिंग और अन्य कार्यों के लिए भी कार्ययोजना तय की गई है। 00 सामूहिक योगदान लिया जाएगा इको डवलपमेंट सोसायटियों को विकसित किया जाएगा। जिससे प्रबंधन में सामूहिक रूप से योगदान लेकर व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा सके। इसके लिए ईडीसी का महत्वपूर्ण रोल रहेगा। सोशल फारेस्ट्री के अंर्तगत ईडीसी के गठन में अधिक दिक्कतें भी नहीं आएंगी क्योंकि यह सब बस्ती क्षेत्र में रहेंगी। 00 दक्ष हो जाएगा स्टाफ प्रशिक्षण से लेकर संसाधनों की कमी को पूरा कराने से लेकर तकनीकि रूप से दक्षता व स्टाफ को ट्रेंड करने की प्रक्रिया कराई जाएगी। एआई समेत ड्रोन तकनीक को लेकर भी हमारे कर्मियों को मजबूती से इस बारे में काम सिखाया जाएगा। आने वाले समय में हमारा स्टाफ भी वन्यजीव प्रबंधन में दक्ष बन कर उभरेगा। कार्ययोजना भेज दी गई है। - भरत कुमार डीके, डीएफओ। वन एवं वन्यजीव प्रभाग।