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प्रशासन की अनदेखी से नहीं हट सका अवैध योग ध्यान केंद्र

प्रशासन की अनदेखी से नहीं हट सका अवैध योग ध्यान केंद्र

डीएम आवास के पास सरकारी जमीन पर बने अवैध योग ध्यान केंद्र एक हफ्ते बाद भी नहीं हट सका, जबकि सिटी मजिस्ट्रेट ने इसे दो दिन के अंदर हटाने के निर्देश जारी किए थे। जीं हां जांच में अवैध घोषित होने के बाद यह ध्यान केंद्र हटाया जाना था, पर प्रशासन की अनदेखी से यह ध्यान केंद्र अभी पूरी तरह से नहीं हट सका।

करीब छह महीना पहले डीएम आवास के पास की सरकारी जमीन पर विनायक सेवा चेरिटेबल ट्रस्ट ने ध्यान योग केंद्र का निर्माण कराया था। यह निर्माण तत्कालीन डीएम डा. अखिलेश मिश्रा के कार्यकाल में हुआ था। जबकि यह जमीन विनियम क्षेत्र की ओर से ग्रीन बेल्ट एरिया घोषित है, इसके बाद भी तत्कालीन डीएम ने इस पर कब्जा करा दिया। डीएम डा. अखिलेश का तबादला होने के बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव ने जिले का चार्ज संभाला तो इनका इस ध्यान केंद्र पर ध्यान किया। डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को जांच के निर्देश दिए। सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में यह ध्यान केंद्र अवैध पाया गया। इधर जांच में पोल खुलते ही विनायक सेवा चेरिटेबल ट्रस्ट संचालकों में खलबली मच गई। प्रशासन कोई कार्रवाई करें इससे पहले ही ट्रस्ट संचालक अपना ध्यान केंद्र हटाने को राजी हो गए। जिला प्रशासन के निर्देश पर कब्जेदारों ने खुद हटाने का निर्णय लिया।

इस पर प्रशासन ने दो दिन का समय दिया। ध्यान केंद्र को हटाने के लिए दो दिन तक कार्य चलता रहा पर अचानक हटाने का कार्य बंद कर दिया गया। रविवार को एक हफ्ता पूरा हो गया पर ध्यान केंद्र नहीं हटाया जा सका। यह थी मंशा सूत्रों की माने तो डीएम आवास के पीछे ट्रस्ट संचालकों की जमीन है जिस पर प्लाटिंग करना चाहते हैं। रास्ता न होने की वजह प्लाटों कीमत नहीं मिल पा रही थी। इस पर ट्रेस्टियों ने ग्रीन बेल्ट से रास्ता बनाने की रणनीति तैयार की। तत्कालीन डीएम डा. अखिलेश मिश्रा के सहयोग से ट्रस्ट संचालकों ने इस ग्रीन बेल्ट घोषित जमीन पर पेड़ कटवाकर वहां पर अवैध तरीके से ध्यान केंद्र बनवा दिया।

इस ध्यान योग केंद्र बनाने के पीछे की मंशा यही है कि पीछे के प्लाटिंग का रास्ता इस ध्यान योग केंद्र से निकाला जाए। जांच में खानापूरी ध्यान केंद्र के निर्माण से पहले यहां पर सैकड़ों पेड़ खड़े हुए थे, जो इसके निर्माण से पहले कटवा दिए गए थे। ध्यान केंद्र का जब यह मुद्दा उठा तो वन विभाग के अधिकारियों ने पेड़ो को अवैध तरीके से काटे जाने पर जांच कराने की बात कहीं थी, पर आज तक अधिकारियों रत्ती भर जांच नहीं कर सके।

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  • Web Title: Illegal Yoga meditation center could not be removed from administration