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पीलीभीत

ढकिया में वर्षों पुराने स्पर का पांच मीटर हिस्सा नदी में समाया, खतरे में आबादी

हिन्दुस्तान टीम,पीलीभीतPublished By: Newswrap
Sat, 31 Jul 2021 07:31 PM
गांव ढकिया ताल्लुक महाराजपुर में वर्षो पुराने स्पर संख्या छह का करीब पांच मीटर हिस्सा नदी की भेंट चढ़ गया है। इससे आबादी पर खतरा मंडराने लगा है। जमीन...
1 / 2गांव ढकिया ताल्लुक महाराजपुर में वर्षो पुराने स्पर संख्या छह का करीब पांच मीटर हिस्सा नदी की भेंट चढ़ गया है। इससे आबादी पर खतरा मंडराने लगा है। जमीन...
गांव ढकिया ताल्लुक महाराजपुर में वर्षो पुराने स्पर संख्या छह का करीब पांच मीटर हिस्सा नदी की भेंट चढ़ गया है। इससे आबादी पर खतरा मंडराने लगा है। जमीन...
2 / 2गांव ढकिया ताल्लुक महाराजपुर में वर्षो पुराने स्पर संख्या छह का करीब पांच मीटर हिस्सा नदी की भेंट चढ़ गया है। इससे आबादी पर खतरा मंडराने लगा है। जमीन...

पूरनपुर/रमनगरा। संवाददाता

गांव ढकिया ताल्लुक महाराजपुर में वर्षो पुराने स्पर संख्या छह का करीब पांच मीटर हिस्सा नदी की भेंट चढ़ गया है। इससे आबादी पर खतरा मंडराने लगा है। जमीन के साथ स्पर कटने से ग्रामीण भयभीत हैं। लगातर नदी का कटान होने से उनका रात में सोना भी दुश्वार हो रहा है। गांव नल्डेंगा और भुजिया में भी कटान जारी है। स्पर को बचाने के लिए बंबू कटर लगाकर झाड़ झंकाड़ डाले जा रहे हैं। कटान से बचाव को हो रहे कार्य नाकाफी साबित हो रहे हैं।

दो दिन पहले पहाड़ों पर हुई बारिश और बनबसा बैराज से पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर बढ़ गया था। बाढ़ की आशंका को लेकर नदी किनारे बसे गांवों के वाशिंदे सामान समेटकर ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने लगे। जलस्तर कम हुआ तो नदी ने एक बार फिर कटान करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों की माने तो शुक्रवार को कटान की गति काफी तेज हो गई। शनिवार को भी कटान जारी रहा। गांव ढकिया ताल्लुक महाराजपुर में तकरीबन पचास साल पहले बने स्पर संख्या छह से नदी की धार टकराकर बह रही है। स्पर का पांच मीटर से अधिक हिस्सा नदी की भेंट भी चढ़ चुका है। लगातार स्पर कटने आबादी पर खतरा मंडराने लगा है। इससे ग्रामीण भयभीत है। वहीं नल्डेंगा और भुजिया में भी कटान जारी है। नलडेंगा में स्पर संख्या 28 को बचाने के लिए जिम्मेदारों की तरफ से बंबू कटर लगाकर झाड़ झंकाड़ डाले जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी पर कराए जा रहे बाढ़ बचाव कार्य सही ढंग से नहीं हो रहे है। इससे अब तक कराए गए कार्य नाकाफी साबित हो रहे हैं। उन्होंने बाढ़ और कटान से बचाव को सही ढंग से कराए जाने की मांग की है।

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