खेतों में फसल अवशेष न जलाएं किसान
Pilibhit News - उप कृषि निदेशक राममिलन सिंह परिहार ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों को न जलाएं। इससे मिट्टी के पोषक तत्व नष्ट होते हैं और मृदा स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने फसल अवशेषों का प्रबंधन करने और उन्हें जानवरों के चारे के रूप में दान करने की सलाह दी।

पीलीभीत। उप कृषि निदेशक राममिलन सिंह परिहार ने जिलेभर के किसानों से अपील की है कि फसल अवशेष खेतों में कदापि न जलायें। बल्कि फसल अवशेष प्रबन्धन यंत्रों से प्रबन्धन कर फसल अवशेषों को सड़ाकर मृदा स्वास्थ्य संरक्षित करें। इससे खेत की मिट्टी मजबूत होगी। उप कृषि निदेशक ने बताया कि फसल अवशेष जलाने से होने वाली हानियाॅ-फसल अवशेषों को जलाने से उनके जड़, तना पत्तियों में संचित लाभदायक पोषक तत्व नष्ट हो जाते है। फसल अवशेषों को जलाने से मृदा ताप में बढ़ोतरी होती है, जिसके कारण मृदा के भौतिक, रसायनिक एवं जैविक दषा पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। फसल अवशेष नही जलायें।
जीव जन्तुओं का स्वास्थ्य बचायें। पादप अवशेष एवं मृदा में उपलब्ध लाभदायक मित्र कीट जलकर मर जाते है, जिसके कारण वातावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। फसल अवशेष जलाने से उत्पन्न गैसों के कारण सामान्य वायु की गुणवत्ता में कमी आती है, जिससे आखों में जलन एवं त्वचा रोग तथा सूक्ष्म कणों के कारण जीर्ण हृदय एवं फेफडे की बीमारी के रूप में मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। श्वसन तन्त्र प्रभावित होने के कारण गम्भीर बीमारियां हो सकती है। पशुओं के चारे की व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पडता है। निराश्रित गौ आश्रय स्थलों को फसल अवशेष दान करें, जो उनके चारे व बिछावन में उपयोग हो सकती है।
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