भाकियू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने डीएम कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। अगर मांगें नहीं सुनी गईं, तो सितंबर में लखनऊ में महापंचायत का आयोजन करने की चेतावनी दी। किसानों ने भ्रष्टाचार और अन्य समस्याओं का जिक्र किया।

पीलीभीत। राष्ट्रीय आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह सिंह के नेतृत्त्व में डीएम कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमन्त्री को सम्बोधित 15 सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर को सौंप कर किसानों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान की तत्काल मांग की गई।
किसानों की समस्याएं
जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जनपद पीलीभीत के किसानों की समस्याओं पर हीलाहवाली की गई तो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सितंबर माह में विशाल महापंचायत की जाएगी। दोषी और किसानों का अहित करने वाले अधिकारियों के काले कच्चे चिट्ठे लखनऊ की महापंचायत में संगठन खोलने से गुरेज नहीं करेगा। ज्ञापन में प्रमुख समस्याएं किसानों की खतौनियों में अंश निर्धारण, जनपद में नकली बीज बनाने वाले सीड्स प्लांटों का भ्रष्टाचार, नकली कीटनाशक, पेस्टीसाइड्स,जिंक, जैम,तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार, आवारा गोवंशों से किसानों की फसलों को नुकसान, बकाया गन्ना भुगतान, कृषि विभाग में कृषि यंत्रों व बीज में आम किसानों के साथ भेदभाव, बिजली विभाग का उत्पीड़न आदि गंभीर समस्याओं पर कलेक्ट्रेट पर जोरदार ढंग से नारेबाजी कर किसानों ने जिला प्रशासन को ललकारा।
धरना-प्रदर्शन में शामिल किसान
जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि किसानों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दास्त नही की जाएगी। धरना-प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष अरविन्द कुमार, ब्लाक अध्यक्ष पूरनपुर पवन कुमार वर्मा, मरौरी ब्लाक अध्यक्ष बलराम वर्मा, तरसेम सिंह, जिला सचिव बलजीत सिंह चीमा, जिला उपाध्यक्ष बूटा सिंह, सर्वेश कुमार, बालकराम वर्मा, महिला प्रकोष्ठ की सदर तहसील अध्यक्ष रेशमा वर्मा, नन्कू यादव, धीरज कुमार,महेंद्र कुमार आदि किसान मौजूद रहे।


