
अवैध वसूली से नाराज किसानों ने मंडी गेट पर की हड़ताल,हंगामा
Pilibhit News - गेट बंद होने से घंटो ठप रहा आवागगमन, पहुंची पुलिसअवैध वसूली से नाराज किसानों मंडी गेट पर कीअवैध वसूली से नाराज किसानों मंडी गेट पर कीअवैध वसूली से नार
पूरनपुर, संवाददाता। क्रय केंद्र पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए किसान मंडी समिति का गेट बंद कर हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने ठेकेदार को मंडी से बाहर निकालने की मांग की। जानकारी लगते ही मंडी के अधिकारी और पुलिस पहुंच गई। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया। गेट बंद होने से घंटों आवागमन बंद रहा। मंडी में धान क्रय केंद्रों पर जमकर मनमानी की जा रही है। रोजाना मात्र पचास से सौ कुंतल धान की तौल की जा रही है। इससे लंबे समय से किसान धान लेकर मंडी में पड़ाव डाले हुए हैं। आरोप है कि गुरुवार को पीसीयू एक और पीसीयू दो केंद्र पर एक ठेकेदार ने धान तौल कराने आए किसान दलवीर सिंह से 35 हजार रुपये ले लिए।

इसके अलावा सरवन सिंह और बलविंदर सिंह से 150 रुपये प्रति कुंतल की मांग की। किसानों ने इसकी जानकारी भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी संगठन के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो को दी। इस पर रंजीत सिंह मंडी पहुंच गए। आरोप है कथित ठेकेदार ने उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए किसी किसान का धान तौल न करने की धमकी दी। आरोप है ठेकेदार ने फोन कर कुछ लोगों को मंडी बुला लिया। इससे किसान भड़क गए। किसान नेता रंजीत सिंह कहलो के नेतृत्व में सभी किसान मंडी गेट पर पहुंच गए। उन्होंने गेट बंद कर दिया और हड़ताल पर बैठ गए। जानकारी लगते ही एएमओ प्रदीप कुमार सेंटर इंचार्ज के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया। इस पर हड़ताल पर बैठे किसानों ने ठेकेदार को मंडी से बाहर निकालने पर ही हड़ताल खत्म करने की चेतावनी दी। सूचना पर पुलिस भी मंडी समिति पहुंच गई। इस दौरान कई किसानों ने धान तौल के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो सहित कई किसानों ने कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी है। डिप्टी आरएमओ विजय कुमार ने बताया कि मामले को लेकर पीसीयू जिला प्रबंधक को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। एसडीएम की ओर से भी आदेश दिए गए हैं। सेंटर इंचार्ज को धरनास्थल पर पहनवाया कार्ड जब किसान हड़ताल कर रहे थे। उस दौरान एक सेंटर इंजार्च पहुंच गए। किसानों ने उन्हें घेर लिया और उनसे आईकार्ड के बारे में पूछा। भीड़ एकत्र होने पर इंचार्ज को अधिकारियों ने हड़ताल स्थल पर बैठकर बात करने को कहा। इस दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि किसानों से बचने के लिए सेंटर इंचार्ज अपनी पहचान छिपाकर मंडी में घूमते हैं। इस दौरान मौके पर मौजूद इंचार्ज को किसानों ने जेब में रखा आई कार्ड पहनवाया। इस दौरान उन्होंने एमओ से मांग रखी कि सभी सेंटर इंचार्ज अपना आईकार्ड पहने रहें, जिससे किसान उनसे आसानी से मिल सकें।

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