डीसीओ ने बसंतकालीन गन्ने की बुवाई प्लाट का किया निरीक्षण
Pilibhit News - पीलीभीत में गन्ना किसानों को उन्नत तकनीकों के प्रति जागरूक करने के लिए अधिकारियों ने कृषि फार्म का निरीक्षण किया। प्रगतिशील किसान हरजाब सिंह ने ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई की है, जो जल संरक्षण और उच्च उत्पादन के लिए फायदेमंद है। वे गन्ने के साथ सहफसल के रूप में मूंगफली बोने की तैयारी कर रहे हैं।

पीलीभीत, संवाददाता। एलएच चीनी मिल के ग्राम बलकरनपुर में गन्ना किसानों को उन्नत तकनीकों के प्रति जागरूक करने के लिए डीसीओ समेत कई अधिकारियों ने कृषि फार्म का भ्रमण किया। गन्ना विकास परिषद् पूरनपुर के अंतर्गत गाँव बलकरनपुर आता है l ग्राम के प्रगतिशील किसान हरजाब सिंह के कृषि फार्म का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि किसान ने लगभग दो एकड़ क्षेत्रफल में बसंतकालीन गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से चार फीट की दूरी पर की है। यह विधि जल संरक्षण, बेहतर जड़ विकास एवं उच्च उत्पादन के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। ट्रेंच पद्धति अपनाने से सिंचाई जल की बचत के साथ-साथ फसल की बढ़वार भी सुदृढ़ होती है।
किसान हरजाब सिंह ने बताया कि वह गन्ने के साथ मूंगफली को सहफसल के रूप में बोने की तैयारी कर रहे हैं। गन्ने के साथ सहफसली खेती से किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है और भूमि की उर्वरता भी संतुलित बनी रहती है। डीसीओ खुशी राम ने बताया कि बसंतकालीन गन्ने के साथ जनपद के किसान मूंग, उड़द, सूरजमुखी एवं मूंगफली की सहफसली खेती कर सकते हैं। सहफसली खेती अपनाने से जोखिम में कमी, आय के विविध स्रोत एवं खेत की उत्पादकता में वृद्धि संभव है। भ्रमण में एलएच चीनी मिल के महाप्रबंधक गन्ना विनय सिंह, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक बरखेड़ा मनोज साहू, शिव स्वरूप सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।

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