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आपातकाल: गिरफ्तार करने आई पुलिस को पिलाई थी चाय

25 जून 1975 को जब इमरजेंसी लागू हुई तो उसके अगले ही दिन शहर विधायक धीरेंद्र सहाय को पुलिस ने उस वक्त गिरफ्तार कर लिया कि जब वे लॉन में बैठकर नाश्ता...

आपातकाल: गिरफ्तार करने आई पुलिस को पिलाई थी चाय
हिन्दुस्तान टीम,पीलीभीतTue, 25 Jun 2024 01:30 AM
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25 जून 1975 को जब इमरजेंसी लागू हुई तो उसके अगले ही दिन शहर विधायक धीरेंद्र सहाय को पुलिस ने उस वक्त गिरफ्तार कर लिया कि जब वे लॉन में बैठकर नाश्ता कर रहे थे। पुलिस पहुंची और उन्हें जब जानकारी दी गई तो विधायक धीरेंद्र सहाय ने पुलिस के दारोगा को अंदर लॉन में बुलाया और चाय पिलाई। इसके बाद शहर विधायक को गिरफ्तार कर पुलिस थाने ले गई।
शहर के लोकतंत्र सेनानी तौसीफ अहमद खां ने बताया कि शहर विधायक को अगले दिन ही गिरफ्तार कर लिए जाने से सरकार विरोधी लोगों में गुस्सा फैल गया था। शहर की दीवारों पर सरकार विरोधी नारे और स्लोगन लिखे जाने लगे। सपा युवजन सभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रहे तौसीफ बताते हैं कि एक दिन वे कमल्ले चौराहे पर सुबह चाय पी रहे थे। पुलिस भी अचानक आ गई। आसपास बैठ गई। जब चाय पी ली तो दारोगा एसके तिवारी ने पूछा चाय पी ली? तो उन्होंने कहा कि हां तो बोले अब चलो। इसके बाद तौसीफ को कोतवाली ले जाया गया और पुलिस ने जेल में डाल दिया। कोतवाल साहब अपने कार्यालय में गए और वारंट काटा इसके बाद आगे की प्रक्रिया की। काफी दिनों तक पीलीभीत जेल में रहे उसके बाद फतेहगढ़ जेल भेज दिया गया। करीब दस माह बाद जब रिहाई मिली तो परिजनों को सुकून मिला। आपात काल को देश का कलंक बताते हुए तौसीफ कहते हैं कि उस वक्त जुल्म और ज्यादती बढ़ गई थी। सरकार बेकाबू थीं और अपने हिसाब से निर्णय ले रही थी। इसके विरोध का सिलसिला चल पड़ा था।

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