
जंगल मार्ग पर इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से होगी निगरानी
Pilibhit News - पीलीभीत में जंगल से आने-जाने वाले मार्गों पर इलेक्ट्रानिक सर्विलांस लगाने का निर्णय लिया गया है। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने वन्यजीवों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए खुफिया कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे वाहन रफ्तार पर नज़र रखी जाएगी और सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
पीलीभीत। जंगल से आने जाने वाले मार्गों पर अब इलेक्ट्रानिक सर्विलांस होगा। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हुए निर्णय में डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने जंगल के अधिाकरियों को कहा है कि जंगल से सटे रास्तों और आने जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत है। यहां पर वन्यजीवों की सुरक्षा समेत अन्य एहतियाती प्रबंधों के चलते इस प्रबंध किए जाएं। इसमें जंगल में प्रवेश करने वाले स्थानों और बाहर निकलने वाले सड़क मार्ग पर खुफिया कैमरों को लगा कर निगरानी कराएं। पीलीभीत से कलीनगर होकर माधोटांडा और जंगल जाने वाले मार्ग के अलावा पूरनपुर खटीमा मार्ग को संवेदनशील माना गया है।
इसमें कहा गया कि कई बार वाहन अधिक रफ्तार से गुजारे जाते हैं। इनकी चपेट में आकर वन्यजीवों के साथ अनहोनी हो जाती है। यही नहीं कई बार अन्य तरह की गतिविधियों को जंगल में भांपने के लिए भी प्रबंध किया जाना चाहिए। पिछले दिनों जंगल में फंदे मिलने पर अति सतर्कता बरती जा रही है। इस तरह की पहल से निगरानी बढ़ जाएगी। मिसाल बनेगी कार्रवाई जंगल के मार्गों में अंदर जाने और बाहर निकलने के मार्ग के किलोमीटर पर आदर्श स्थितियों को लेकर पहले प्रयोग कर आदर्श समय दर्ज किया जाए। इससे कम समय में गुजरने वाले वाहनों पर संख्ती करें। ताकि कार्रवाई हो और मिसाल बने। इसके बाद इस मार्ग पर चलने वाले वाहनों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता हो जाएगी। रफ्तार पर रहेगी नजर पीलीभीत माधोटांडा मार्ग के अलावा पूरनपुर हाईवे पर गजरौला से माला जंगल को इसमें लिया जा सकता है। साथ ही पूरनपुर से खटीमा मार्ग को भी इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के अंतर्गत लेकर खुफिया कैमरे लगा कर वाहनों की रफ्तार पर निंयत्रण करने का प्रयास किया जाएगा। कोहरे में रहेगी सतर्कता जंगल में वन्यजीवों के अलावा इंसानी जान की सुरक्षा इसके पीछे मुख्य ध्येय है। कोहरे के समय में भी इससे मार्ग पर गतिविधियों की निगरानी हो जाएगी। अगर कुछ आसामान्य होता है तो बैरियर पर बैठने वाले कर्मी या फिर आन लाइन मिलने वाली गतिविधियों पर अलर्ट जारी कर टीमों को सक्रिय कर दिया जाएगा। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है। ताकि इसका क्रियान्वयन किया जा सके। इससे पैनी निगरानी जंगल मार्गों की हो सकेगी। - वीरेंद्र सिंह, एआरटीओे जंगल मार्ग पर वन्यजीवों का आना जाना होता है। कुछ वाहन चालक बेतरतीब रफ्तार से वाहन चलाते हैं तो हादसे भी होते हैं। इस तरह से सर्विलांस रहेगा तो हादसे रुकेंगे और निगरानी बढ़ जाएगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, डीएम

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