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नेशनल पोर्टल पर अपलोड के लिए मदरसे नहीं दे रहे हैं डाटा

बेसिक शिक्षा विभाग को कक्षा एक से आठ तक के सभी बच्चों का डाटा सर्व शिक्षा अभियान के आनलाइन नेशनल पोर्टल पर अपलोड करना है। विभाग इस पोर्टल पर मदरसों का छोड़कर अन्य स्कूलों का डाटा अपलोड कर चुका है। जिले में संचालित हो रहे 321 मदरसों में मात्र 43 ने ही विभाग को अब तक अपना डाटा उपलब्ध कराया है। डाटा उपलब्ध कराने में अधिकांश मदरसों की हीलाहवाली से इनमें बड़े फर्जीवाड़ा की आशंका जाहिर की जा रही है।सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार इन सभी बच्चों का डाटा आनलाइन नेशनल पोर्टल पर एकत्रित करवा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग को बच्चों को डाटा इस पोर्टल पर अपलोड करना है। इसके लिए पिछले चार महीनों से कवायद चल रही है। 30 मई को डाटा फीडिंग की आखिरी तारीख थी, पर मदरसों से डाटा उपलब्ध न होने से विभाग निर्धारित समय में इस काम नहीं निपटा सका। इसके लिए विभाग की ओर से कई बार जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को सूचना भेजी गई पर इसके बाद भी मदरसों ने डाटा उपलब्ध कराने दिलचस्पी नहीं दिखाई। मदरसों की इस अनदेखी की जानकारी विभाग की ओर से डीएम को भेजी गई पर चार महीने बीत जाने के बाद अधिकांश मदरसों ने डाटा नहीं सौंपा। विभाग को अब तक जिले के 43 मदरसों ने ही अपने यहां पढ़ रहे बच्चों का डाटा सौंपा है। मदरसों से डाटा उपलब्ध नहीं होने से विभाग सर्व शिक्षा अभियान के आन लाइन नेशनल पोर्टल पर सभी बच्चों का डाटा अपलोड नहीं कर पाया है। आनलाइन पोर्टल पर जगजाहिर होगी बच्चों की जन्मकुंडलीसर्व शिक्षा अभियान के आन लाइन नेशनल पोर्टल पर कक्षा एक से आठ तक के बच्चों का डाटा अपलोड होने से इनकी जन्मकुंडली जगजाहिर हो जाएगी। कक्षा एक से आठ तक के सभी बच्चों का डाटा इस पोर्टल पर अपलोड करने के लिए शिक्षण संस्थाओं को अपने यहां पढ़ने वाले बच्चों की जानकारी स्टूडेंटवाइज डाटा मैनेजमेंट इंफोरमेशन सिस्टम(एसडीएमआईएस) फार्म में भर कर भेजनी थी। इस फार्म में बच्चों से जुड़ी 32 बिंदुओं पर जानकारी देनी है। इसमें बच्चे का नाम, उसके माता-पिता का नाम, परिवार की जानकारी, आधार नंबर, बैंक अकाउंट सहित कई जानकारियां मांगी गई हैं। विभाग को आनलाइन पोर्टल पर एक बच्चे की यह पूरी जानकारी अपलोड करनी है। डाटा अपलोड होने के बाद इन बच्चों की जन्मकुंडली आन लाइन उपलब्ध रहेगी।- स्कूलों,मदरसों में नहीं पाएगा पंजीकरण में फर्जीवाड़ाआधुनिक शिक्षा के दौर में भी जिले में दीनी तालीम देने वाले मदरसे खूब फल फूल रहे हैं। यही कारण है कि जिले में इनकी संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मदरसों का संचालन अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधीन होता है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पास इन मदरसों की देखरेख की जिम्मेदारी है पर इन उनका जोर नहीं चलता है। यही वजह है कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कई बार सूचना भेजने के बाद भी वह इन मदरसों में पढ़ रहे बच्चों का डाटा विभाग को उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं। इससे पहले बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन चल रहे प्राइवेट स्कूल भी अपने यहां का डाटा उपलब्ध कराने में ढिलाई बरत रहे थे। इस पर इनको खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से मान्यता रद्द करने के नोटिस भेजे गए। एक बार नोटिस मिलने पर ही सभी स्कूलों ने आनन-फानन में अपना डाटा उपलब्ध करा दिया। बच्चों का डाटा आन लाइन फीड होने से अब प्राइवेट स्कूल पंजीकरण में खेल नहीं कर सकेंगे। इससे पहले इन स्कूलों में आस-पास के सरकारी स्कूलों में पंजीकृत बच्चों का भी पंजीरकरण था। मदरसों में भी यही स्थिति है। मदरसों से डाटा उपलब्ध न होने के पीछे भी यही आशंका जताई जा रही है। इससे पहले भी मदरसों ने नहीं दी जानकारीमदरसों ने अपने यहां की जानकारी उपलब्ध कराने में इससे पहले भी रुचि नहीं दिखाई। बेसिक शिक्षा विभाग ने कुछ महीने पहले जिले के सभी शिक्षण संस्थाओं से उनकी लोकेशन मांगी थी। विभाग को इनका अक्षांश और देशांतर आन लाइन फीड करना था। सरकार की मंशा इससे इनकी लोकशन और इनके संचालन की जानकारी गूगल के जरिए जानने की थी। नए स्कूलों की मान्यता भी इनके लोकेशन के आधार पर ही दी जानी थी। मदरसों ने तब भी अपने यहां की जानकारी विभाग को नहीं उपलब्ध कराई। कहीं मदरसे कागजों में तो कहीं एक भवन में एक से अधिक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की अनदेखी से जिले में मदरसों के संचालन में जमकर फर्जीवाड़ा हो रहा है। विभाग में यूं तो 321 मदरसे पंजीकृत है पर वह इनकी वास्तविक स्थिति से ही अंजान है। यही वजह है कहीं कागजों में मदरसे चल रहे हैं तो कहीं एक भवन में एक से अधिक मदरसों का संचालन हो रहा है। ऐसा ही एक मामला बेसिक शिक्षा विभाग के संज्ञान में तब आया जब कुछ महीने पहले खंड शिक्षा अधिकारी ललोरीखेड़ा एक मदरसे की जांच के सिलसिले में शहर के नौगवां पकड़िया गांव में पहंुचे। उन्होंने जब मदरसों की छानबीन की तो उन्हें एक भवन में ही पांच मदरसे चलने की जानकारी हुई। उन्हें इस भवन के पांच दरवाजों पर अलग-अलग मदरसों के बोर्ड लगे हुए मिले। जिले में ब्लाकवार डाटा उपलब्ध कराने वाले मदरसेब्लाक/मदरसों की संख्या/ डाटा उपलब्ध कराने वालों की संख्यापूरनुपर/141/29मरौरी/56/01ललौरीखेड़ा/23/04बीसलपुर/32/02बिलसंडा/01/01बरखेड़ा/05/00अमरिया/49/04शहर/11/00नगर बीसलपुर/03/02 सभी को भेजा है वाइस मेसेजमदरसों के डाटा उपलब्ध न कराने के बारे में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेन्द्र कुमार ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में वाइस मेसेज सभी को भेज दिया है। अगर इसके बाद भी मदरसे अपना डाटा उपलब्ध नहीं कराते हैं तो उनको सरकारी सुविधाओं और लाभ से वंचित कर दिया जाएगा।

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  • Web Title:Data are not being provided to the madarsas for uploading to the National Portal