ऑनलाइन फ्रॉड के मामले में जहानाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज
Pilibhit News - जहानाबाद में साइबर सेल में मिली शिकायत के बाद पुलिस ने दो व्यक्तियों के खिलाफ 25 हजार रुपये का ऑनलाइन फ्रॉड करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ितों में एक महिला और एक युवक शामिल हैं। पुलिस ने लखनऊ के एक जालसाज को गिरफ्तार किया, जो ठगी की घटनाओं में शामिल था।

जहानाबाद। साइबर सेल में मिली शिकायत की जांच करने के बाद दरोगा ने थाना जहानाबाद में फ्रॉड करने वाले मोबाइन नंबर के स्वामियों के खिलाफ आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। जहानाबाद में महिला समेत दो लोगों 25 हजार रुपये का ऑनलाइन फ्रॉड किया गया है। थाना जहानाबाद में तैनात उप निरीक्षक आयुष कुमार ने थाना जहानाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें कहा गया कि थाना क्षेत्र के ग्राम अण्डरायन निवासी सीमा देवी पत्नी हरपाल सिंह ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया था कि 10 जनवरी 2026 को उसके साथ छह हजार रुपये का ऑनलाइन फ्रॉड कर लिया गया।
इसके अलावा इसी गांव के संजीव कुमार पुत्र राम बहादुर ने 11 जनवरी 2026 को 19 हजार नौ सौ सतानवे रुपए की ठगी कर लेने की शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल में मिली शिकायतों की जांच करने पर पता चला कि जिस नंबर से साइबर फ्राड किया गया है। उसकी आईडी झारखंड राज्य के धनबाद जिले के सदर जगत याहिनी नगर निवासी नसीमा खातून पत्नी मिनाज खान के नाम से है। जिस खाते में रुपया गया है। वह भी इसी महिला के नाम से है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर उक्त दोनों मोबाइल नंबर के स्वामियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक जहानाबाद प्रदीप कुमार विश्नोई ने बताया कि साइबर सेल के माध्यम से मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस ने लखनऊ के जालसाज को किया गिरफ्तार जहानाबाद पुलिस में मुकदमा दर्ज करने के बाद साइबर सेल के माध्यम से गहनता से जांच की। जांच के दौरान पुलिस ने लखनऊ के थाना सहादतगंज के मोहल्ला नेवी नगर निवासी मोहम्मद हारुन पुत्र मोहम्मद यूनुस को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से गोरखपुर का निवासी है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह और उसका दोस्त मोहित निवासी जामताड़ा झारखंड अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर दूसरे व्यक्तियों की आईडी से सिम निकलवा कर उन्हीं सिम से लोगों को फोन करके सरकारी योजना एवं उन्हें अलग-अलग तरीके से लालच देकर लिंक और ओटीपी के माध्यम से ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे। ठगी के रुपए बिगबास्केट एप में मंगवाए जाते थे। जहां से निकालकर खर्च कर दिए जाते थे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


