Cyber Fraud Five Arrested for Rs 57 89 Lakh Scam Involving Digital Arrest of Clerk जेल के क्लर्क को 13 दिन डिजीटल अरेस्ट रखकर ठगी करने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार, Pilibhit Hindi News - Hindustan
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जेल के क्लर्क को 13 दिन डिजीटल अरेस्ट रखकर ठगी करने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार

Pilibhit News - जिला कारागार के क्लर्क जगमोहन सैनी से 57.89 लाख की ठगी करने वाले पांच साइबर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली और नोएडा के निवासी हैं। उनके पास से 3.50 लाख रुपये, फर्जी आधार कार्ड और...

Newswrap हिन्दुस्तान, पीलीभीतSat, 6 Sep 2025 04:07 AM
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जेल के क्लर्क को 13 दिन डिजीटल अरेस्ट रखकर ठगी करने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार

जिला कारागार के क्लर्क जगमोहन सैनी को 13 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर 57.89 लाख की ठगी करने वाले पांच साइबर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पांच आरोपी दिल्ली और नोएडा के रहने वाले हैं। आरोपियों के पास से 3.50 लाख रुपये, फर्जी आधार कार्ड-चेकबुक और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस ठगों के फरार साथियों की जानकारी जुटा रही है। जिला कारागार में तैनात क्लर्क जगमोहन सैनी ने पिछले साल 22 अगस्त को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीबीसीआईडी, मुंबई क्राइम ब्रांच और सुप्रीम कोर्ट का अधिकारी बताकर जगमोहन को अलग-अलग फोन नंबर से कॉल की गई थी।

क्लर्क को उनके आधार से सिम कार्ड जारी होने और दूसरे गैरकानूनी गतिविधियां में लिप्त होने की बात कहकर डरा गया था। पिछले साल नौ अगस्त लेकर से 22 अगस्त डिजिटल अरेस्ट रखा था। क्लर्क से 57.89 लाख की ठगी की गई थी। घटना के खुलासे के लिए साइबर सेल, एसओजी समेत तीन टीमों का गठन किया था। तीनों टीमों ने शुक्रवार सुबह पांच आरोपियों को थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के पूरनपुर मार्ग स्थित पेट्रोल पंप से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में मनीष कुमार निवासी सूरजपुर ग्रेटर नोएडा, नई दिल्ली के तिमारपुर निवासी विकास वर्मा, नोएडा एक्सटेंशन निवासी राजेंद्र शर्मा उर्फ राजन, दिल्ली के द्वारिका क्षेत्र निवासी प्रशांत चौहान, संजय बोबी देशवाल निवासी बख्तावरपुर सेक्टर 127 नोएडा शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 3.50 लाख रुपये नगद, 10 फर्जी आधार कार्ड, दो चेकबुक और नौ मोबाइल बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों से उनके चालू खाते की पासबुक, एटीएम कार्ड और चैकबुक लेकर उनको बदले में तीन से चार प्रतिशत कमीशन देते हैं। उन खातों का साइबर धोखाधड़ी से हासिल होने वाली धनराशि को स्थानांतरित करने में प्रयोग किया जाता है। धोखाधड़ी से हासिल होने वाली धनराशि का कुछ प्रतिशत हिस्सा अपने पास रखते हैं। बाकी रकम को साउथ ईस्ट एशियन कंट्री (कम्बोडिया, लाउस) में बैठे सरगना को स्थानांतरित कर देते हैं। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में साइबर थाने के निरीक्षक खुर्शीद अहमद, एसओजी प्रभारी उमेश त्यागी आदि शामिल रहे।

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