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पुलिस की एफआर पर कोर्ट ने लगाई रोक, जानें क्या था मामला

पुलिस की एफआर पर कोर्ट ने लगाई रोक, जानें क्या था मामला

दुष्कर्म के एक मामले में गजरौला पुलिस की लगाई गई फाइनल रिपोर्ट पर एफटीसी कोर्ट ने आपत्ति जताते हुए गजरौला पुलिस को अग्रिम विवेचना करने के आदेश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि एक माह के अंदर दोबारा जांच कर अपनी रिपोर्ट कोर्ट को भेजी जाए। कोर्ट का आदेश मिलने के बाद अब गजरौला पुलिस ने मुकदमें में अग्रिम विवेचना शुरू कर दी है। थाना गजरौला क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 24 फरवरी को रिपोर्ट थाना गजरौला में दर्ज करवाई थी। जिसमें कहा गया था कि वह रात 12 बजे प्रधान पति सोनू सिंह अपने साथ सात अन्य लोगों को लेकर उसके घर में घुस आया था। सभी आरोपी अपने अपने मूंह पर ढाटा बांधे हुए थे।

घर से महिला को आरोपी अगवा कर एक कार में बैठा कर ले गए। कार में ले जाकर आरोपी उसको एक अज्ञात स्थान पर लेकर पहुंचे। यहां सोनू सिंह समेत सभी आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस दौरान तमंचा दिखाकर यह धमकी भी दी गई कि अगर शोर मचाया या किसी से शिकायत की तो जान से मार देंगे। घटना को अंजाम देकर आरोपी उसको रात में अंधेरे का फायदा उठाकर घर के पास ही छोड़ कर चले गए। पीड़िता के मुताबिक उसने इसकी शिकायत थाने से लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों तक से की लेकिन पुलिस ने राजनैतिक दबाव के चलते रिपोर्ट दर्ज नहीं की। कोर्ट के आदेश पर महिला की रिपोर्ट थाना गजरौला में दर्ज की गई लेकिन पुलिस ने सही विवेचना न करके आरोपियों को लाभ दिया और फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पीड़िता ने मुकदमें में सही कार्रवाई के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर शिकायत की। कोर्ट ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए गजरौला पुलिस को मुकदमें में अग्रिम विवेचना करने के निर्देश दिए। विवेचना करके एक माह के अंदर इंस्पेक्टर गजरौला को अपनी रिपोर्ट देने को भी कहा गया है।

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  • Web Title:Court stops framing of FIR on police