Pilibhit News: अदालती रिकॉर्ड से छेड़छाड़ के मामले में अग्रिम जमानत मंजूर
Pilibhit News: पीलीभीत की अदालत ने महेश चंद्र सक्सेना की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है। यह मामला बीसलपुर एसडीएम न्यायालय में चल रहे भूमि विवाद से जुड़ा है, जिसमें न्यायपालिका रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी का आरोप लगाया गया है। अदालत ने आरोपी को 50 हजार रुपये के मुचलके की शर्त पर जमानत दी है।

Pilibhit News: पीलीभीत। अदालती रिकॉर्ड में कथित रूप से हेराफेरी करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार हिमांशु ने महेश चंद्र सक्सेना की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है।
प्रकरण का विवरण
अभियोजन के अनुसार मामला बीसलपुर एसडीएम न्यायालय में चल रहे भूमि विवाद से जुड़ा है। आरोप है कि न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयान की सत्य प्रतिलिपि में कथित रूप से ‘नो’ शब्द जोड़कर उसे एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। इसे अदालती रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अनुचित लाभ लेने का प्रयास बताते हुए वर्ष 2021 में महेश चंद्र सक्सेना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था।
जमानत की प्रक्रिया
न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर पहले समन और जमानती वारंट जारी हुए। इसके बाद भी उपस्थिति नहीं होने पर गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। इसके बाद महेश चंद्र सक्सेना की तरफ से सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हो चुका है और मामला अदालती रिकॉर्ड से छेड़छाड़ से जुड़ा है। बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किए बिना ही आरोप पत्र दाखिल किया था और गैर-जमानती वारंट आरोप पत्र दाखिल होने के बाद की प्रक्रिया का हिस्सा था।
अदालत का निर्णय
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अदालत ने अग्रिम जमानत मंजूर कर ली। आरोपी को 50 हजार रुपये का व्यक्तिगत मुचलका और इतनी ही राशि के दो स्थानीय जमानती दाखिल करने का आदेश दिया गया है। साथ ही प्रत्येक निर्धारित तारीख पर अदालत में उपस्थित रहने, गवाहों को प्रभावित नहीं करने, अदालत की अनुमति के बिना भारत से बाहर नहीं जाने और इसी तरह का अपराध नहीं करने की शर्तें लगाई गई हैं।


