वन दरोगा के इशारे पर चल रहा था ट्रक चालकों से वसूली का खेल
Pilibhit News - पूरनपुर में वाचर संजीव कुमार को ट्रक चालकों से रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। वन दरोगा सुरेंद्र गौतम के निर्देश पर वह हर महीने लाखों की वसूली करता था। एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की और संजीव को जेल भेज दिया। इस मामले में वन दरोगा भी फंस सकते हैं।

पूरनपुर। वाचर के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद ट्रक चालकों से वसूली की कहानी की परतें खुलने लगी हैं। महोफ रेंज के एक वनदरोगा के कहने पर न्यूनतम वेतनभोगी कर्मचारी ट्रक चालकों से हर महीने लाखों की रिश्वत लेता था। वन दरोगा रिश्वत की कमाई का हर महीने उससे हिसाब लेते थे। एंटी करप्शन टीम प्रभारी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमें इसकी पोल खोली गई है। इस मामले में वनदरोगा पर भी गाज गिर सकती है। गुरुवार को बरेली की एंटी करप्शन टीम ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज के वन कर्मी संजीव कुमार को चूका गेट पर पांच हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया था।
इस मामले में एंटी करप्शन टीम प्रभारी प्रवीण सान्याल की ओर से वाचर के खिलाफ भ्रश्टचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। शुक्रवार को पुलिस ने वन कर्मी संजीव कुमार पुत्र हरीशचंद्र को जेल भेज दिया। दर्ज कराए कए मुकदमें रिश्वत का काला चिटठा खोला गया है। इसमें बताया गया कि पीटीआर की महोफ रेंज के वनदरोगा सुरेंद्र गौतम के कहने पर संजीव कुमार चूका चेक पोस्ट पर ट्रक चालकों से उगाही करवाता था। यह चेक पेास्ट उत्तराखंड बार्डर पर मौजूद है। रोजाना उत्तराखंड से मोरंग और गिटटी भरे दर्जनों ट्रक माधोटांडा क्षेत्र में आते हैं। वन दरोगा सभी ट्रक चालकों से वाचर संजीव के माध्यम से वसूली कराता था। ट्रक चालकों के परमिशन सहित सभी दस्तावेज पूरे होने के बावजूद दबाव बनाकर हर महीने रिश्वत ली जा रही थी। रोजाना ट्रक चालकों से प्रति चक्कर छह सौ रुपए वसूले जा रहे थे। उत्तराखंड से 24 घंटे में लगभग 35 ट्रक खटीमा रोड होते हुए माधोटांडा आते हैं। वन दरोगा के कहने पर वन कर्मी सभी चालकों से छह सौ रुपए प्रतिदिन और पंद्रह हजार रुपए महीने की वसूली करता था। इस अवैध वसूली से परेशान ट्रक चालक फैयाज ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। उसके बाद कार्रवाई की गई। वन दरोगा सुरेंद्र गौतम संजीव से वसूली गई रिश्वत का हर महीने हिसाब करता था। एंटी करप्शन प्रभारी की ओर से दर्ज कराए मुकदमें दरोगा सुरेंद्र का नाम आने के बाद खलबली मची हुई है। कोतवाल अशोक पाल ने बताया किवन कर्मी संजीव को जेल भेज दिया गया है। मुकदमे की विवेचना एंटी करप्शन टीम के ही एक विवेचक द्वारा की जा रही है।
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