Conservation Workshop for Wildlife Protection Launched in Pilibhit सहज वनजीवन के लिए सह अस्तित्व वक्त की जरूरत : वन मंत्री, Pilibhit Hindi News - Hindustan
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सहज वनजीवन के लिए सह अस्तित्व वक्त की जरूरत : वन मंत्री

Pilibhit News - पीलीभीत में जैव विविधता के संरक्षण के लिए वन्यजीवों की सुरक्षा पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। वन राज्यमंत्री अरुण कुमार ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए सहअस्तित्व जरूरी है। इस...

Newswrap हिन्दुस्तान, पीलीभीतWed, 17 Sep 2025 03:13 AM
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सहज वनजीवन के लिए सह अस्तित्व वक्त की जरूरत : वन मंत्री

पीलीभीत। जंगल में जैव विविधता के साथ वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में अच्छा काम हो रहा है। यही नहीं अब वक्त की जरूरत है कि सहअस्तित्व के साथ वन जीवन को सुगम बनाया जाए तभी मानव वन्यजीव संघर्ष को रोका जा सकेगा। हमें जंगल के आसपास के रिहायशी इलाकों में रहन सहन के तौर तरीकों में बदलाव लाना होगा। ताकि मानव और वन्यजीव दोनों ही सुरक्षित रहें। यह कहना है वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री अरुण कुमार का। मंगलवार को भारत में वन्यजीव संरक्षण के लिए समर्पित सामुदायिक स्वयंसेवक संवर्गो का सुदृढ़ीकरण के संबंध में पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ वन राज्यमंत्री अरुण कुमार ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया।

इसमें दस राज्यों के टाइगर रिजर्व से आए अलग-अलग प्रोजेक्ट के स्वयंसेवियों ने अपनी आमद दर्ज कराई और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आधारित एक शॉर्ट फिल्म को देखकर यहां के नैसर्गिंक वनजीवन को देखा। सभी स्वयंसेवी अपने प्रोजेक्ट के बारे में विशेषताएं बताएंगे। पीलीभीत टाइगर रिजर्व और विश्व प्रकृति निधि (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) भारत के संयुक्त प्रयासों से आयोजित सत्र में 19 सितंबर तक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान 17 व 18 सितंबर को कार्यशाला आयोजित होगी और 19 सितंबर को समापन होगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ललित कुमार वर्मा, मुख्य वन संरक्षक, रूहेलखण्ड जोन पीपी सिंह, डीएफओ बरेली दीक्षा भंडारी, डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह, निदेशक विश्व प्रकृति निधि भारत यशमगन सेठिया, डीएफओ पीटीआर मनीष सिंह, प्रभागीय निदेशक भरत कुमार डीके, निदेशक नवाब वाजिद अली शाह डा उत्कर्ष शुक्ला, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ देहरादून से डा.अनिल कुमार, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार, दबीर हसन, रामेश चौहान, टीम लीडर, विश्व प्रकृति निधि भारत एके सिंह, समन्वय, तराई आर्क लैण्ड स्केप विश्व प्रकृति निधि भारत डा. मुद्रित गुप्ता, लखीमपुर खीरी तथा विभिन्न प्रभागों के आये प्रभागीय वनाधिकारी एवं अधिकारीगण, पीटीआर के बाघ मित्र समेत दस राज्यों के स्वंयसेवी आदि रहे। फसल क्षति मुआवजा वितरित किया वन राज्यमंत्री अरुण कुमार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान एवं नेपाल से आए जंगली हाथियों द्वारा किसानों की फसल क्षति के मुआवजे के प्रमाण पत्र किसानों को वितरित किये। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बाघ मित्रों पर बनी फिल्म का प्रदर्शन प्रोजेक्टर पर किया गया। एपीसीसीएफ ललित कुमार वर्मा ने पीटीआर के बाघ मित्र प्रोजेक्ट पर विचार रखे। डीएम ने बाघ मित्रों के साझा कार्यक्रम की प्रशंसा की। कहा कि वन विभाग के कर्मचारी प्रतिकूल परिस्थितियों में रहकर वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा का कार्य सराहनीय है। अतिक्रमण मुक्त कराएं जंगल की जमीन को मानव-वन्यजीव संघर्ष का कारण वन कार्यशाला में भूमि का अतिक्रमित होना बताया गया। कहा गया कि वन भूमि की जांच कर वन क्षेत्र का सत्यापन कराएं। अपनी वन भूमि के क्षेत्रफल के साथ-साथ वन क्षेत्र का विस्तार करें। वन्यजीवों के प्राकृतिक वास का क्षेत्र का विस्तार करें। ताकि वन्यजीव स्वच्छन्द विचरण कर सकें और मानव-वन्यजीव संघर्ष को खत्म किया जा सके। दस राज्यों से आये स्वयंसेवियों का स्वागत किया गया। वनमंत्री व मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये गये। मुख्य वन संरक्षक, रुहेलखण्ड जोन पीपी सिंह ने अतिथियों का आभार जताया।

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