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22 सितम्बर, 2020|9:55|IST

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सूने पड़े देहात के सेंटर, 15 दिन में मात्र 20 प्रतिशत हो सकी गेहूं खरीद

सूने पड़े देहात के सेंटर, 15 दिन में मात्र 20 प्रतिशत हो सकी गेहूं खरीद

1 / 3जिले के 127 सेंटरों पर 15 दिनों में अभी मात्र 20 प्रतिशत गेहूं की खरीदारी हुई है। हालांकि अभी खरीद चल रही है और यह आंकड़ें तंदरुस्त होने की पूरी उम्मीद है पर वर्तमान के आंकड़ें पिछले वर्षों के...

सूने पड़े देहात के सेंटर, 15 दिन में मात्र 20 प्रतिशत हो सकी गेहूं खरीद

2 / 3जिले के 127 सेंटरों पर 15 दिनों में अभी मात्र 20 प्रतिशत गेहूं की खरीदारी हुई है। हालांकि अभी खरीद चल रही है और यह आंकड़ें तंदरुस्त होने की पूरी उम्मीद है पर वर्तमान के आंकड़ें पिछले वर्षों के...

सूने पड़े देहात के सेंटर, 15 दिन में मात्र 20 प्रतिशत हो सकी गेहूं खरीद

3 / 3जिले के 127 सेंटरों पर 15 दिनों में अभी मात्र 20 प्रतिशत गेहूं की खरीदारी हुई है। हालांकि अभी खरीद चल रही है और यह आंकड़ें तंदरुस्त होने की पूरी उम्मीद है पर वर्तमान के आंकड़ें पिछले वर्षों के...

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जिले के 127 सेंटरों पर 15 दिनों में अभी मात्र 20 प्रतिशत गेहूं की खरीदारी हुई है। हालांकि अभी खरीद चल रही है और यह आंकड़ें तंदरुस्त होने की पूरी उम्मीद है पर वर्तमान के आंकड़ें पिछले वर्षों के मुकाबले काफी कम हैं। एक तरफ लॉकडाउन तो दूसरी तरफ पंजीकरण व्यवस्था ने गेहूं खरीद की रफ्तार धीमी की हुई है। जिला मुख्यालय समेत नगरीय क्षेत्र में तो खरीद कुछ ठीक है पर देहात क्षेत्र के सेंटर सूने हैं। कुछ जगह तो अभी सेंटर तक नहीं खुलें हैं।

सुबह सुबह ही होती है ज्यादा आवक

पीलीभीत। पीलीभीत मंडी में हर साल गेहूं खरीद के दौरान काफी भीड़ होती थी, पर इस बार लॉकडाउन के चलते मंडी लगभग सूनी पड़ी है। पीलीभीत मंडी क्षेत्र में करीब 35 सेंटर है। मंडी में तो गेहूं खरीद चल रही है पर ग्रामीण क्षेत्रों के सेंटरों पर खरीद के नाम पर खाना पूरी चल रही है। अधिकांश सेंटर सूने पड़े हैं।

बीसलपुर में कम हो रही खरीद

बीसलपुर। क्षेत्र में पांच सेंटरों संचालित है, जहां पर बहुत ही कम खरीद हो रही है। क्षेत्र के किसान काफी परेशान है। गेहूं बेचना चाह रहे पर पंजीकरण न होने से वह बिक्री नहीं कर पा रहे है। वैसे तो बीसलपुर में सब ठीक है। पर व्यवस्थाओं का जायला लगातार लेने पर ही चीजें दुरुस्त रह रहीं हैं। पिछले दिनों डीएम ने भी यहां निरीक्षण किया था।

त्रिपाल से ढक कर रखा है गेहूं यहां

हजारा। ट्रांस क्षेत्र में हर साल दो गेहूं क्रय केंद्र खुलते थे, पर इस बार लचर व्यवस्था से बुरा हाल है। कबीरगंज में पीसीयू का एक क्रय केंद्र स्वीकृत हुआ पर अभी तक चालू नहीं हो सका। किसानों के घरों में गेहूं के ढेर लगे हुए हैं। बारिश से बचाव के लिए कुछ किसानों ने त्रिपाल से ढक रखा हैं। ऐसे में किसान गेहूं को बचा कर कब तक रखेगा।

किसानों को समर्थन मूल्य का दिलाए लाभ

पूरनपुर। क्षेत्र में कहने को तो छह दर्जन गेहूं खरीद केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर रोजाना खरीद का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के सेंटरों पर वास्तविक खरीद बिल्कुल नहीं हो रही है, सिर्फ कागजों पर खरीद का आंकड़ा बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ बिल्कुल नहीं मिल रहा है।

एक भी केंद्र नहीं खुला इस बार

जहानाबाद। किसान सेवा सहकारी समिति जहानाबाद कस्बे में दो कांटे चलते थे। दोनों केंद्रों पर हर साल काफी किसानों की भीड़ रहती थी, पर इस बार एक भी केंद्र नहीं खुले। जहानाबाद से जुडा एक रम्पुरामिश्र में सेंटर था जो इस वर्ष नहीं हुआ। सेंटर शुरू न होने से क्षेत्र के किसान काफी परेशान हैं।

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  • Web Title:Center of the countryside listened only 20 percent wheat procurement could be done in 15 days