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सावधान: जंगल के रास्तों पर हादसा हुआ तो वन विभाग इसलिए नहीं होगा जिम्मेदार

सावधान: जंगल के रास्तों पर हादसा हुआ तो वन विभाग इसलिए नहीं होगा जिम्मेदार

पीलीभीत से पूरनपुर, माधोटांडा या फिर खटीमा जाना हो तो पीलीभीत टाइगर रिजर्व से होकर ही जाना होगा। ऐसे में आए दिन वन्यजीवों के दिखाई देने और घटना होने की जानकारी मिलती रहती है। जंगल क्षेत्र से गुजरने पर रोक होने का अब वन विभाग ने फिर से राग अलाप शुरू कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि जंगल में प्रवेश करने वाले लोगों को जागरूक करने का काम किया जाएगा। यही नहीं जंगल में वन्यजीव के हमले से घायल और मरने पर भी विभाग किसी प्रकार का मुआवजा नहीं देगा। जंगल में वाहन चालकों को खुद अपनी जिम्मेदारी पर प्रवेश करना होगा। वन विभाग इसके लिए जंगल के दोनों छोर पर कर्मियों को तैनात कर रहा है।पूरनपुर से माधोटांडा होते हुए और हाईवे से आने पर दोनों ओर पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल है। ऐसे में कई बार लोगों का आमना-सामना वन्यजीवों से हुआ तो हादसे भी हुए। जंगल के रास्ते पर घटना होने पर वन विभाग पर ही दावा किया जा रहा है। अब इन सब बातों से बचने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने अपनी जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर लिए हैं। जंगल क्षेत्र में प्रवेश करने वालों को यह बताया जाएगा कि अंदर हादसा या फिर घटना होने पर वन विभाग पर दावा नहीं होगा। इसके लिए वाहन चालक खुद जिम्मेदार होगा। पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने इसको लेकर अपनी कवायद शुरू की है। इसमें पूरनपुर हाईवे और माधोटांडा रोड पर जंगल के दोनों छोर पर कर्मियों को तैनात किया जाएगा। कर्मी वहां से गुजरने वालों को बताएंगे कि यहां से जाना खतरनाक है और वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र है। जाने पर खुद जिम्मेदार होंगे। इसके लिए दोनों ओर लोगों को जागरुक करने के लिए सूचना भी लिखवाई जाएगी। इन दो मार्गों के अलावा काफी लंबा सफर खटीमा के लिए है। यहां पर चूका और मुस्तफाबाद होते हुए खटीमा की रेंज तक जंगल है, सीमांत गांवों के लिए जाने वाले रास्तों पर भी जंगल का एरिया है। ऐसे में लोगों को पीलीभीत के चारों ओर जंगल से ही होकर जाना पड़ता और खतरा बना रहता है।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक आदर्श कुमार ने बताया कि जंगल के अंदर जाना प्रतिबंधित है, लेकिन सड़क बनी है तो लोग जा रहे हैं और वन्यजीव भी आ रहे हैं। ऐसे में जंगल में यदि वन्यजीव के हमले से कोई घटना होती है तो वन विभाग जिम्मेदार नहीं होगा। इसके लिए कोई मुआवजा भी नहीं दिया जाएगा। लोगों को जागरूक करने के लिए और उनकी जिम्मेदारी बताने के लिए कर्मियों को दोनों ओर लगाया जाएगा।

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  • Web Title:Be careful forest department is not responsible for any kind of accident on forest paths