एक नहीं दो बार मिला बशीर बद्र की मेजबानी का मौका

Newswrap हिन्दुस्तान, पीलीभीत
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Pilibhit News - पीलीभीत में बशीर बद्र की शायरी के जलसे की यादें आज भी ताजा हैं। 1988 में राम स्वरूप पार्क में उन्होंने अपनी रचनाओं से लोगों को मंत्रमुग्ध किया। दूसरी बार 1993-94 में वाटर वर्क्स में आए, लेकिन शमीर जयपुरी से विवाद के कारण वे बिना सुनाए चले गए। इरफान सागर ने उनका अनुभव जीवन की पूंजी बताया।

एक नहीं दो बार मिला बशीर बद्र की मेजबानी का मौका

पीलीभीत। मुझे तुमसे मोहब्बत हो गई है.. यह दुनिया खूबसूरत हो गई है.. खुदा से रोज तुमको मांगता हूं ... मेरी चाहत इबादत हो गई है बशीर बद्र साहब की यह पंक्तियां आज भी राम स्वरूप पार्क में 1988 में आयोजित मुशायरे में पहुंचने वाले लोगों के जहन में ताजा हैं। मुशायरा और शायरी के बड़े फनकार बशीर पीलीभीत में एक नहीं बल्कि दो दो बार आए थे। एक बार तो मंच पर वे इतने नाराज हुए कि बिना नजराना पेश किए ही उतर कर चले गए थे। देश और दुनिया में बड़ी हस्ती व हर मिजाज के शायर व फनकार बशीर साहब का नाम बहुत ही अदब के साथ लिया जाता है। यह एक इत्तेफाक ही है कि बशीर साहब ने एक नहीं बल्कि दो दो बार यहां आकर शायरी व मुशायरे के चाहने वालों को तृप्त किया। पहली बार बशीर बद्र राम स्वरूप पार्क 1988 में आए थे। उनकी मुशायरे में मौजूद रहने वाले शायर इरफान सागर बताते हैं कि पूरी महफिल जोश में थी। उन्होंने जब अपनी रौं में आकर एक के बाद एक अपनी रचनाएं पेश कीं तो लोग वाह.. वाह करते रहे। दाद देने वालों का उत्साह और जज्बा देख कर कई रचनाएं पेश की थीं.

बिना कुछ सुनाए उतर गए थे मंच से

दूसरी बार बशीर बद्र शहर के ही वाटर वर्क्स में वर्ष 1993-94 में आए थे। यहां मंच पर बड़े नाम राहत इंदौरी व शमीम जयपुरी आदि भी थे। किसी बात को लेकर शमीर जयपुरी से उनकी नाइत्तेफाकी हो गई। इसके बाद उनका मूड उखड़ गया और वे बिना कुछ सुनाए ही मंच से उतर गए और चले गए।

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रात गुजारी थी शहर में ही

वाटर वर्क्स से उतर कर वे सीधे जकाउद्दीन जाया के घर गए और पूरी रात उन्हीं के घर गुजारी। वहां इरफान सागर से उनकी मुलाकात हुई। इरफान सागर ने शायरी और तरानों का नया इल्म उनसे हासिल किया।

उनसे मुलाकात मेरे जीवन की पूंजी

विकास भवन से प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर सेवानिवृत्त हुए इरफान सागर अच्छे शायर है। बताते हैं कि बशीर बद्र अपने आप में शायरी का स्कूल रहे। उनके काफी कुछ सीखने को मिला। उनसे मुलाकात मेरे जीवन की पूंजी है।

सामान्य प्रश्न

बशीर बद्र ने पहली बार कब पीलीभीत में मुशायरा किया?
बशीर बद्र ने पहली बार 1988 में राम स्वरूप पार्क में मुशायरा किया था।

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