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24 नवंबर, 2020|7:17|IST

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टैगिंग और टीकाकरण में लापरवाही से बीमार होने लगे पशु

टैगिंग और टीकाकरण में लापरवाही से बीमार होने लगे पशु

राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मवेशियों के लिए टैगिंग की जा रही है। अनट्रेंड सहायकों के टैंगिग का खामियाजा पशुपालकों को भुगतना पड़ रहा है। इन दिनों मवेशियों के कान पक गए हैं।

प्रधानमंत्री के पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम से गांव में पशुओं के टीकाकरण के साथ उनकी टैगिंग कराई जा रही है। इसमें टीकाकरण के लिए वैक्सीनेटर और ट्रेनिंग के लिए सहायक लगाए गए। इसको लेकर वैक्सीनेटर को डेढ़ दिन और सहायक को आधे दिन का प्रशिक्षण दिया गया। जानकारी के अभाव में टैगिंग और टीकाकरण में लापरवाही बरती गई। इन दिनों कई गांव में मवेशियों के कान पकने लगे हैं। कई मवेशियों के कानों में गहरे जख्म हो गए हैं। पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव बंजरिया में दर्जनों पशुओं की हालत खराब है। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. राजीव मिश्रा ने बताया पशुओं में टीकाकरण और टैगिंग के लिए वैक्सीनेटर और सहायक लगाए गए हैं। टैगिंग के दौरान पशुओं के कान पकने की सूचना मिल रही है। विभाग को बरसात में टैगिंग के दुष्परिणामों के बारे में बताया गया है। टैगिंग में मवेशी का एक आधार की तरह नंबर जारी किया जाता है। इसमें पशु के स्वामी के बारे में संपूर्ण जानकारी के साथ उसका मोबाइल नंबर भी होगा। इस व्यवस्था से पशु के खो जाने या चोरी हो जाने में भी यह टैगिंग काफी लाभदायक साबित होगी।

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  • Web Title:Animals started getting sick due to carelessness in tagging and vaccination