Aadhar card of minor, details of account holder - आधार कार्ड नाबालिग का, डिटेल खाता धारक की DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आधार कार्ड नाबालिग का, डिटेल खाता धारक की

आधार कार्ड लिंक कर माइक्रो एटीएम से ठगी करने वाले आरोपी फर्जी आधार कार्ड बनाने में भी माहिर थे। पुलिस ने जो आधार कार्ड आरोपियों से बरामद किए हैं, वे सभी आधार कार्ड फर्जी निकले हैं, केवल उनमें आधार नंबर ही असली हैं, बाकी सारी डिटेल बैंक खाता धारक की ही भरी हुर्ह है।

खास बात यह है कि ज्यादातर आधार कार्ड नाबालिग बच्चों के उपयोग किए गए हैं और महिला के असली आधार कार्ड को पुरुष के खातों में उपयोग किया गया है। ठगी का ऐसा तरीका देखकर पुलिस अफसर भी हैरान हैं।सुनगढ़ी पुलिस ने सर्विलांस और स्वाट टीम के सहयोग से फर्जी आधार कार्ड बनाकर उनको बैंक खातों से लिंक कर रुपए उड़ाने वाले गिरोह को पकड़ा है। पुलिस ने गिरोह के तीन साथी मोहम्मद रिजवान पुत्र नवील अहमद निवासी मोहल्ला खेड़ा थाना रिठौरा जिला बरेली, मोहम्मद अकील पुत्र जमाउद्दीन निवासी ग्राम नौगवां पकड़िया, युनूस पुत्र लियाकत निवासी थाना क्योलड़िया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जबकि मुख्य आरोपी अब्दुल रहमान पुत्र लियाकत निवासी थाना क्योलड़िया बरेली अभी फरार है।

आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक एटीएम माइक्रो मशीन और 37 फर्जी आधार कार्ड व अन्य कागजात बरामद किए थे। पुलिस के मुताबिक रिजवान नाम के युवक ने बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक और आईडीएफसी बैंक की फ्रेंचाइजी ले रखी थी। यह फ्रेंचाइजी बरेली जनपद के रिठौरा की ली गई थी और बैंक की ओर से ही उसको माइक्रो एटीएम मशीन भी उपलब्ध कराई गई थी। इस मामले में दूसरा और मुख्य आरोपी अब्दुल रहमान रेता बजरी व्यापारी है और उसका बैंकों के कर्मचारियों से अच्छा संबंध है।

जिस कारण वह बैंक के कर्मचारियों से मिलकर ऐसे लोगों की सूची ले लेता था जिनके खाते आधार कार्ड से लिंक नहीं थे। अब्दुल रहमान ने बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के बरेली, आंवला, बदायूं, शाहजहांपुर के बैंकों से सूची प्राप्त कर ली थी। इसके बाद अब्दुल रहमान और रिजवान अपने साथियों की मदद से मिलकर नाबालिग बच्चे अधिकतम उम्र 10 वर्ष से 20 वर्ष तक के बच्चों के आधार कार्ड लेकर उनके आधार नंबर का उपयोग करते थे। शेष जानकारी उसी खाताधारक की होती थी जिसके खाते आधार से लिंक कराना होते थे जबकि फोटो किसी अन्य तीसरे व्यक्ति का लगाया जाता था।

चूंकि इस पूरे मामले में बैंककर्मी भी शामिल होते थे तो बैंकों में भी ज्यादा पड़ताल नहीं होती थी। आधार कार्ड को खाते से लिंक कराने के बाद यह लोग जिसका आधार कार्ड फर्जी बनाकर उपयोग किया जाता था उसको ग्राहक सेवा केंद्र पर ले जाते थे और बड़ी आसानी से बैंक उपभोक्ता के खाते से 10 हजार रुपए तक की धनराशि निकाल ली जाती थी। बेचारे ग्राहक को पता भी नहीं पाता था कि उसके खाते से रुपए निकल गए। पुलिस के मुताबिक मुख्य अभियुक्त के पकड़े जाने के बाद कई बिंदुओं से पर्दा और उठ जाएगा चूंकि अब्दुल रहमान रेता बजरी व्यापारी के साथ साथ बैंकों में भी लोन और खाते खुलवाने का काम करता था।

लगभग 20 लोग हैं गैंग में शामिल

पुलिस के मुताबिक भले ही अभी तक गैंग के चार सदस्यों के नाम प्रकाश में आए हो लेकिन इस पूरे प्रकरण को अंजाम देने वाले लगभग 20 लोग है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी होने के बाद ही गैंग की वास्तविक सदस्यता के बारे में पता चल सकेगा। पुलिस की मानें तो आधार कार्ड ज्यादातर नाबालिग बच्चों के उपयोग किए गए हैं। इन बच्चों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।

पुलिस बैंक और यूआईएआई कार्यालय से करेगी संपर्क

पुलिस के मुताबिक गैंग ने अब तक कई लोगों से लाखों रुपए उड़ा दिए हैं। पुलिस अब ऐसे लोगों के बारे में बैंक से जानकारी जुटाएगी। इसके अलावा पुलिस ने जो आधार कार्ड बरामद किए हैं उन आधार कार्डों के नंबरों के आधार पर वास्तविक आधार कार्ड स्वामी के बारे में यूआईएआई (भारतीय विशिष्टि पहचान प्राधिकरण) के कार्यालय से भी जानकारी जुटाएगी। उनको गैंग क्या देता था? और वह गैंग के ही सदस्य है या रुपयों के लालच में काम करने वाले लोग इन सब बिंदुओं पर भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Aadhar card of minor, details of account holder