किस टकसाल का बना सिक्का, निशान से करें पहचान; यूपी के नितिन के पास Coin का खजाना
पॉकेट मनी में मिले सिक्कों को जमा करने के शौक ने पीलीभीत के नितिन सक्सेना को ‘क्वाइन एक्सपर्ट’ बना दिया है। नितिन के पास देश के चारों टकसाल के सिक्कों का कलेक्शन है और वो हर सिक्के के बनने के पीछे की कहानी से वाकिफ हैं।

Pilibhit Numismatics Nitin Saxena: हम लोग सिक्कों को सिर्फ लेन-देन का जरिया मानते हैं, लेकिन पीलीभीत के नितिन सक्सेना के लिए हर सिक्का एक कहानी है। छोटे-छोटे निशान जैसे डॉट, स्टार या बिना चिह्न के सिक्के इतिहास और उसके पीछे की कहानी की एक अलग दुनिया खोल देते हैं। आवास विकास के निवासी अनिल सक्सेना के पुत्र नितिन को यह शौक बचपन में ही लग गया था। पिता से पॉकेट मनी के रूप में मिलने वाले सिक्कों को उन्होंने संभालकर रखना शुरू किया। यही शौक धीरे-धीरे जुनून में बदल गया और आज उनके पास मुगलकालीन सिक्कों से लेकर आधुनिक दौर तक के सैकड़ों सिक्कों का संग्रह है।
नितिन सक्सेना के कलेक्शन की खास बात यह है कि इसमें देश की चारों टकसाल हैदराबाद, मुंबई, कोलकाता और नोएडा में बनाए गए सिक्के शामिल हैं। नितिन न सिर्फ इन्हें देखकर पहचान जाते हैं, बल्कि इनके पीछे की पूरी जानकारी भी रखते हैं। नितिन बताते हैं कि कब पॉकेट मनी के सिक्कों से उनको मोहब्बत हो गई और सिक्का जमा करना उनका जुनून बन गया, इसका एहसास नहीं हुआ। अब परिवार के पास आने वाला हर नया या पुराना सिक्का उनके संग्रह का हिस्सा बन जाता है। वह जल्द ही अपने इस अनूठे कलेक्शन की प्रदर्शनी लगाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि लोग भी सिक्कों के जरिए इतिहास को समझ सकें।
कौन सा सिक्का किस टकसाल में बना है, ऐसे पहचानें
नितिन सक्सेना बताते हैं कि हर टकसाल की अपनी अलग पहचान होती है। हैदराबाद के सिक्कों पर स्टार का निशान बना होता है। मुंबई में बने सिक्कों पर ईंट जैसा चिह्न दिखाई देता है। नोएडा के सिक्कों पर डॉट का निशान होता है, जबकि कोलकाता टकसाल में बने सिक्के बिल्कुल सादे यानी बिना किसी निशान के होते हैं।
क्विज और आयोजनों में भी दिखा चुके हैं प्रतिभा
सिक्कों की इसी गहरी जानकारी के दम पर नितिन सक्सेना कई ऑनलाइन और ऑफलाइन क्विज प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। सिक्कों को लेकर उनकी इस रुचि और ज्ञान के मद्देनजर हेरिटेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उन्हें प्रशस्ति प्रमाण पत्र भी दिया है।
लाइव हिन्दुस्तान ने आपको कुछ दिन पहले पीलीभीत के ही उमर खां के बारे में बताया था, जिनके पास देश-विदेश के ऐसे नोटों का खजाना है, जिसके नंबर का अंत 786 से होता है। इस्लाम में 786 को पाक यानी शुभ नंबर माना जाता है। उमर खां को हाल ही में नोट प्रदर्शनी के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से न्योता आया था और वो इसके लिए दुबई गए थे।


