राम मंदिर में बिना पुलिस वेरिफिकेशन हो रही थी भर्ती, चढ़ावा गिनने वाले 5 कर्मचारी जांच में फेल

अनुराग शुक्ला, अयोध्या
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर नए-नए कर्मचारियों को पुलिस वैरिफिकेशन कराए बगैर ही जॉब पर रखा जाता रहा, इस बात की पुष्टि अब हो रही है। चढ़ाए गए रकम की गिनती करने के लिए लगाए कर्मचारियों में से पांच जांच में फेल हो गए।

People working at the ram mandir ayodhya were hired without police verification

राम मंदिर की व्यवस्थाओं के अंतर्गत विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों को पुलिस वैरिफिकेशन कराए बगैर ही नौकरी पर रखा जाता रहा, इस बात की पुष्टि अब हो रही है। सबसे महत्वपूर्ण कार्य भक्तों द्वारा चढ़ाए गए रकम की गिनती करने के लिए लगाए कर्मचारियों की जांच भी नहीं कराई गई थी, क्योंकि कुछ दिन के भीतर पांच कर्मचारी जांच में फेल हो गए हैं। इन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

कई अन्य कार्रवाई की जद में हैं। निकाले गए कर्मचारी दो सालों से कार्य कर रहे थे। छंटनी की वजह से शुक्रवार को 12 कर्मचारी गणना कक्ष में कार्य करते देखे गए। राम जन्मभूमि परिसर में जैसे-जैसे जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मानक अनुरूप भर्ती प्रक्रिया नहीं होने की बातें सामने आ रही हैं। सबसे महत्वपूर्ण कार्य चढ़ावा रकम गिनने का काम है, उसे भी गंभीरता से नहीं किया गया। निगरानी से लेकर संचालन और भर्ती तक में भरपूर हीलाहवाली की गई, इसके साक्ष्य जांच अफसरों को मिले हैं। इसका उल्लेख प्रारंभिक रिपोर्ट में भी है। बीते कुछ दिनों की कार्रवाई पर नजर डालें तो गणना से जुड़े कर्मचारियों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तेजी से जारी है।

कुछ दिन पहले 23 कर्मचारियों ने तनख्वाह कम होने और समय बढ़ाने की से नाराज होकर इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 13 कर्मचारी कार्य में जुटे थे। लेकिन इस बीच इस्तीफा दे चुके कर्मचारियों में दो लौट आए। संख्या 15 हुई। लेकिन पहले से काम कर रहे 2 कर्मचारियों के ऊपर पुलिस केस होने से कार्य मुक्त कर दिया गया। जांच अधिकारी को शक हुआ तो एक-एक करके सभी का वेरिफिकेशन शुरू काराय गया। इसमें तीन और जांच में फेल हो गए। कुल मिलाकर पांच कर्मचारी दो साल से गणना कर रहे थे। अब मात्र 12 कर्मचारी नोट और सिक्के गिनने का काम कर रहे हैं।

इस्तीफा दे चुके कर्मचारियों का भी हो रहा सत्यापन

सावन मेले के पहले गणना कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जानी तय है। ऐसे में भर्ती करने वाली निजी एजेंसी से इस्तीफा दे चुके कर्मचारियों को ही काम करने के लिए वरीयता दे रही है, क्योंकि उन्हें कार्य का अनुभव है। व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखने के लिए इस्तीफा दे चुके कर्मचारियों का भी वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि इसमें भी कई कर्मचारी के ऊपर पुलिस केस दर्ज हुआ पाया गया है। अब सत्यापन में पास लोगों को ही कर्मचारी बनाया जाएगा, इसलिए भर्ती प्रक्रिया को मानक पर कसकर ही आगे बढ़ाया जा रहा है।

Pawan Kumar Sharma

लेखक के बारे में

Pawan Kumar Sharma

पवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।

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