फेस डिटेक्शन कैमरे से जांच के बाद भारत-नेपाल बार्डर पार कर सकेंगे, अवैध घुसपैठ को लेकर फैसला
फेस डिटेक्शन कैमरे से जांच के बाद भारत-नेपाल बार्डर पार कर सकेंगे। दोनों ओर कैमरे लगाए गए हैं ताकि आने और जाने वालों की शिनाख्त हो सके। फैसला इसलिए लिया है कि सीमा की सुरक्षा पुख्ता रहे और अवैध घुसपैठ को रोकने पर लगाम लगाई जा सके।

भारत और नेपाल से आने जाने वालों को अब बार्डर पर फेस डिटेक्शन कैमरे से होकर गुजरना होगा। दोनों ओर कैमरे लगाए गए हैं ताकि आने और जाने वालों की शिनाख्त हो सके। दोनों देशों के सुरक्षा बलों द्वारा यह फैसला इसलिए लिया है कि सीमा की सुरक्षा पुख्ता रहे और अवैध घुसपैठ को रोकने पर लगाम लगाई जा सके। इस प्रक्रिया के शुरू होने से आने-जाने वाले लोगों को फेस डिटेक्शन के लिए कतार लगी दिखी।
भारत नेपाल बार्डर से रोजाना दोनों ओर 25 से 30 हजार लोगों का आवागमन होता है। इसमें स्थानीय लोगों खासतौर से रुपईडीहा और बार्डर के बर्दिया जिले के लोगों की संख्या अधिक रहती है हालांकि बांके तक के भी लोग रोजमर्रा के अलावा अन्य घरेलू उपयोग वाले सामानों की खरीद करने के लिए रुपईडीहा व बहराइच के बाजारों में आते हैं। बार्डर से ही दोनों देशों के दूसरे शहरों को भी लोग जाते हैं। पर्यटकों का भी बार्डर से आवागमन है। मगर अभी तक दोनों देशों के लोगों को नेपालगंज रुपईडीहा के बीच आवागमन के लिए सिर्फ पहचान पत्र दिखाना ही अनिवार्य था। लम्बे समय ये यह व्यवस्था चल रही थी। परंतु अब फेस डिटेक्शन कैमरे से यात्रियों की डिजिटल रिकार्डिंग भी की जाएगी। दोनों देशों की सीमा पर बने गेट पर कैमरे लगाकर नई व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने बताया कि यह पायलट प्रोजेक्ट है। शुरू में लोगों को यह प्रक्रिया कुछ कष्टकर लगेगी। परंतु आगे यह सुविधाजनक महसूस होगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था विशेषकर पाकिस्तान, बांग्लादेश व चीन के नागरिकों के अवैध घुसपैठ के लिए की गई है। कई बार इन देशों के नागरिक पकड़े भी गए हैं।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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