जैसी करनी, वैसी भरनी: कार दुर्घटना में मारे गए 3 किडनैपर, 2 अगवा भाइयों की बच गई जान

Apr 07, 2026 11:44 am ISTPawan Kumar Sharma मुख्य संवाददाता, बरेली
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बरेली में हुए दर्दनाक हाइवे हादसे में बड़ा खुलासा हुआ है। एक्सीडेंट में मारे गए लोग किडनैपर निकले, जिन्होंने गुरुग्राम से एक ऑटो चालक और उसके दो मासूम बेटों का अपहरण किया था। आपसी विवाद के बाद बच्चों को वापस छोड़ने के दौरान उनकी बोलेरो टैंकर से टकरा गई थी।

जैसी करनी, वैसी भरनी: कार दुर्घटना में मारे गए 3 किडनैपर, 2 अगवा भाइयों की बच गई जान

UP News: जैसी करनी, वैसी भरनी कहवात बरेली सड़क हादसे पर सटिक बैठती है। दरअसल, दो दिन पहले हुए एक्सीडेंट में मरने वाले तीन लोग और चौथा घायल युवक किडनैपर निकले। ये सभी एक ऑटो चालक और उसके दो मासूम बेटों का अपहरण कर लाए थे। हालांकि आपसी अनबन के चलते वे बच्चों को वापस हरियाणा के गुरुग्राम छोड़ने जा रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। हादसे में अपहृत दोनों बच्चे भी घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, उनके पिता को पुलिस ने एक आरोपी के घर से बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक घायल समेत दो अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया है।

बरेली एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि रविवार शाम बड़ा बाईपास पर एक बोलेरो सड़क किनारे खड़े टैंकर से टकरा गई थी। हादसे में बोलेरो सवार फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर निवासी मनमोहन सिंह, पीलीभीत में अमरिया तहसील के कल्याणपुर चक्रतीर्थ के सिकंदर और रामपुर में विलासपुर थाना क्षेत्र के रमनपुर कुर्तिया के विशेष यादव की मौत हो गई थी। वहीं, रमनपुर कुर्तिया के बोलेरो चालक प्रिंस यादव व दो बच्चे घायल हो गए थे।

प्रिंस के होश में आने के बाद सामने आया कि वे चारों 4 अप्रैल की शाम करीब साढ़े 7 बजे गुरुग्राम के डीएलएफ थाना क्षेत्र से ऑटो चालक मनोज और उसके दो बेटों छह वर्षीय मयूर व तीन साल के लक्ष्य को किडनैप करके लाए थे। जब वे फरीदपुर में मनमोहन के घर पहुंचे तो उसके पिता नत्थूलाल ने बच्चों के अपहरण को लेकर विवाद शुरू कर दिया। तीनों को ठिकाने लगाने की बात कहने लगा, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। दोनों बच्चों को वापस गुरुग्राम छोड़ने जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।

प्रेम में बाधक बनने पर चालक को बेटों समेत किया था अगवा

पुलिस ने अपहृत ऑटो ड्राइवर मनोज और उसके दोनों बच्चे मयूर व लक्ष्य को बरामद कर लिया। लेकिन जब उन लोगों से पूछताछ की गई तो अपहरण का कोई खास मकसद सामने नहीं आया क्योंकि मनोज की पत्नी पूजा से फिरौती की डिमांड नहीं की गई थी। इसके बाद पुलिस ने गहराई से पूछताछ की तो रिश्तों की उलझी हुई कहानी सामने आई। पता चला कि हादसे में मारा गया मुख्य आरोपी मनमोहन ऑटो ड्राइवर की मुंह बोली बेटी से शादी करना चाहता था, जिसको लेकर वह तैयार नहीं था। इसी वजह से इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया।

पुलिस की जांच में सामने आया कि मनमोहन और मनोज फरीदपुर के गांव टांडा सिकंदरपुर के रहने वाले हैं। मनमोहन, कोरी और मनोज, वाल्मीकि जाति का है। मनोज करीब सात-आठ साल से गुरुग्राम में अपने परिवार के साथ रहता है। वह ऑटो चलाता है और उसकी पत्नी पूजा घरों में काम करती है। मनोज की बड़ी बहन संगीता पिछले कई साल से पत्नी की तरह मनमोहन के पिता नत्थूलाल के साथ रहती है। कुछ समय पूर्व मनमोहन काम की तलाश में मनोज के पास पहुंचा तो उसने पानी सप्लाई कंपनी में ट्रैक्टर चलाने की नौकरी लगवा दी। कुछ समय वह मनोज के साथ ही रहा।

इसी दौरान मनोज के साथ रहने वाली उसकी छोटी बहन की बेटी से मनमोहन के प्रेम संबंध हो गए। मनमोहन उससे शादी करने को कहने लगा लेकिन जातियां अलग होने के कारण मनोज तैयार नहीं था। वह अपनी बहन के नत्थूलाल के साथ रहने को लेकर ही नाराज था और फिर उसने अपनी मुंह बोली बेटी से भी इस शादी से इनकार कर दिया। इस पर मनमोहन और उसकी मुंह बोली बेटी अलग कमरा लेकर रहने लगे। मगर इसको लेकर उनके बीच मनमुटाव हो गया। आशंका जताई जा रही है कि इसी रंजिश के चलते मनमोहन ने उसका अपहरण कर लिया।

बच्चों को देखकर बोला नत्थू, सबको ठिकाने लगा दो

मनमोहन अपने साथी सिकंदर, विशेष यादव और प्रिंस यादव के साथ मनोज व बच्चों का अपहरण करके फरीदपुर में अपने घर लेकर गया। हादसे में जीवित बचे इकलौते आरोपी प्रिंस ने बताया कि वहां पर मनमोहन के पिता नत्थूलाल ने बच्चों को लाने को लेकर काफी नाराजगी जताई। फंसने की बात कहते हुए उसने कहा कि तीनों को ठिकाने लगा दो, वह सब निपट लेगा। इसके चलते ही वे लोग बच्चों को गुरुग्राम छोड़ने जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।

तमंचा सटाकर लाए फरीदपुर, बनाया बंधक

पुलिस की पूछताछ में मनोज ने बताया कि पिछले चार-पांच दिन से वह एक व्यक्ति को रोजाना सिकंदरपुर पहाड़ी के पास स्थित हनुमान मंदिर लेकर जाता था। चार अप्रैल को दोनों बेटे मयूर और लक्ष्य भी उसके साथ थे। इसी दौरान काली बोलेरो से आए चार व्यक्तियों ने उसका अपहरण कर लिया। मनोज को सीट पर बैठाकर तमंचा सटा दिया और बेटों समेत हत्या की धमकी दी। फरीदपुर लाकर मनमोहन के घर में उसे बंधक बना लिया। इस दौरान उसे नशा भी दिया जाता था और तीन-चार तालों में बंद करके रखा। आरोपी दोनों बेटों को गुरुग्राम छोड़ने की बात कहकर वापस ले गए। इसके बाद क्या हुआ, उसे कोई जानकारी नहीं।

Pawan Kumar Sharma

लेखक के बारे में

Pawan Kumar Sharma

पवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।

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