PCS अधिकारियों की लगेगी 'क्लास', अब फाइलों के साथ-साथ पढ़ना होगा क्रिमिनल लॉ
मिशन कर्मयोगी के तहत पीसीएस अधिकारियों को अब छह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम अनिवार्य कर दिए गए हैं। इनमें क्रिमिनल लॉ, नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट, आरटीआई और साइबर सिक्योरिटी शामिल हैं।

मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत पीसीएस अधिकारियों को क्रिमिनल लॉ, नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट, आरटीआई, साइबर सिक्योरिटी जैसे छह पाठ्यक्रम पूर्ण करना है। इस संबंध में विशेष सचिव विनीत प्रकाश ने सभी जिलों को पत्र जारी किया है। पत्र के बाद डीएम ने एडीएम एफ/आर को संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण पूर्ण कराने का निर्देश दिया है।
मिशन कर्मयोगी के आईजीओटी पोर्टल पर उत्तर प्रदेश प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस कार्यकारी शाखा) के अधिकारियों के लिए जीरो से 9, 9 से 16 और 16 से 25 वर्ष की सेवा अवधि के अनुसार प्रशिक्षण पाठ्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। हर अधिकारी को छह पाठ्यक्रम पूर्ण कर प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य है। इनमें तीन पाठ्यक्रम कंपलसरी कोर्स की श्रेणी में रखे गए हैं। ऑप्शनल कोर्स कैटेगरी में रखे पाठ्यक्रमों में किन्हीं तीन को अनिवार्य रूप से पूर्ण करना है।
विशेष सचिव विनीत प्रकाश ने उनकी सूची जारी की है। सूची में प्रत्येक विषय के अंतर्गत अंकित उप विषयों में से कम से कम एक उप विषय पर आधारित पाठ्यक्रम को उसकी उपयोगिता के आधार पर पूर्ण किया जाना है। डीएम को भेजे पत्र में पीसीएस कार्यकारी शाखा के समस्त अधिकारियों को उनकी सेवा अवधि के अनुसार पाठ्यक्रम पूर्ण कर प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए कहा गया है। डीएम ने एडीएम को इस संबंध में निर्देशित किया है।
क्रिमिनल लॉ का भी पढ़ना होगा पाठ
शून्य से 9 वर्ष की सेवा अवधि वाले अधिकारियों के क्रिमिनल लॉ, नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट और राइट टू इनफार्मेशन का कोर्स अनिवार्य है।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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