
निलंबन को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री, प्रयागराज पहुंचे, वकीलों से मुलाकात
शंकराचार्य और यूजीसी के नियमों के खिलाफ अचानक इस्तीफा देकर हड़कंप मचाने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री अपने निलंबन को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। वह प्रयागराज पहुंच गए हैं और वकीलों से मुलाकात कर विधिक राय ले रहे हैं।
बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अपने निलंबन के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। अलंकार न्यायालय में अपील करने के सिलसिले में सोमवार को वाराणसी से प्रयागराज आए और कई अधिवक्ताओं से विधिक राय ली। वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मिलने के बाद प्रयागराज आए अलंकार अग्निहोत्री ने एक सरकारी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रयागराज में उनके कई अधिवक्ता मित्र हैं, उन्हीं से मिलने आए हैं। निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैंने त्यागपत्र दिया है, त्यागपत्र स्वीकार न कर निलंबित कर दिया गया।
पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ने बातचीत में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति नरम रुख अपने हुए केंद्र सरकार पर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एक कंपनी की तरह चल रही है। इसमें सिर्फ दो लोगों की चलती है, एक नरेंद्र मोदी और दूसरे अमित शाह की। देश अस्थिरता की स्थिति से जूझ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच रिश्ता छिन्न-भिन्न हो चुका है। केंद्र सरकार वेस्ट इंडिया कंपनी की तरह का काम कर रही है। पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को इस कंपनी का सीईओ और एमडी बताने के साथ कहा कि सरकार के पास डराने के लिए तीन तंत्र ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई है। जैसा कि सभी ने देखा कि यूजीसी रेग्युलेशन 2026 जो 13 जनवरी 2026 को गजट में प्रकाशित हुआ, इससे पूरे देश में उबाल आ गया।
पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि यूजीसी रेग्युलेशन में बदलाव से सिविल वार जैसे हालात होने के बारे में अगाह किया था, लेकिन सरकार ने नहीं सुनी और बदलाव के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गया। बरेली में जोरदार प्रदर्शन हुआ। उसके बाद देशभर में बदलाव के खिलाफ धरने होने लगे। जब इस विरोध को नजरअंदाज किया जाने लगा तो इस्तीफा दिया। इस्तीफे के बाद बदलाव के खिलाफ जगरुकता बढ़ी और हिंदी भाषी छह राज्यों में 1200-1400 प्रदर्शन हुए।
भाजपा नेता कलराज मिश्र ने बीते 28 जनवरी को इसे असंवैधानिक कहा। नेता ईडी के डर से कुछ नहीं बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट में संशोधन कराना ही उनकी मुख्य लड़ाई है और इसके लिए दिल्ली से बड़ा आंदोलन शुरू होगा। न्यायालय में निलंबन के खिलाफ याचिका दायर करने के बाद आंदोलन शुरू करेंगे।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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