केजीएमयू में रेप, धर्मांतरण के आरोपी डॉक्टर का पासपोर्ट जब्त, शहर भी न छोड़ने की चेतावनी
केजीएमयू की महिला रेजिडेंट डॉक्टर को शादी का झांसा देकर यौन शोषण और धर्मांतरण के मामले में चौक कोतवाली पुलिस ने आरोपी रेजिडेंट डॉ. रमीज मलिक को नोटिस दिया है। इसमें जांच पूरी होने और पीड़ित महिला डॉक्टर के कोर्ट में बयान दर्ज होने तक शहर न छोड़ने की हिदायत दी गई है।

केजीएमयू की महिला रेजिडेंट डॉक्टर को शादी का झांसा देकर रेप करने और धर्मांतरण के मामले में चौक कोतवाली पुलिस ने आरोपी रेजिडेंट डॉ. रमीज मलिक को नोटिस दिया है। इसमें जांच पूरी होने और पीड़ित महिला डॉक्टर के कोर्ट में बयान दर्ज होने तक शहर न छोड़ने की हिदायत दी गई है। पुलिस ने आरोपी डॉ. रमीज का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया है।
चौक पुलिस ने इस मामले में बुधवार को पीड़त महिला डॉक्टर की चिकित्सकीय परीक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। उस पर विशेषज्ञों की राय ली जा रही है। 25 दिसंबर को छुट्टी के कारण पीड़िता के कोर्ट में बयान नहीं दर्ज हो सकेंगे। शुक्रवार को पुलिस कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज कराएगी। हाईप्रोफाइल मामले को तूल पकड़ते देख पुलिस भी जांच में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है कि कहीं कोई चूक न हो सके। आरोपी डॉ. रमीज और उसकी गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर है। पुलिस ने रमीज के बारे में उसके उत्तराखंड में खटीमा स्थित पैतृक आवास से सबंधित थाने से भी ब्योरा मांगा है कि कहीं पूर्व में तो उसके खिलाफ कोई मुकदमा नहीं दर्ज हुआ है। उसके चाल-चलन के बारे में भी जानकारी मांगी है। मामले के विवेचक खटीमा पुलिस की रिपोर्ट को भी अपनी केस डायरी में शामिल करेंगे।
साथी डॉक्टरों के दर्ज किए बयान
चौक कोतवाली की टीम ने केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग में तैनात रेजिडेंट डॉ. रमीज मलिक के बारे में उसके साथी डॉक्टरों और मेडिकल विभाग के कर्मचारियों से भी बातचीत की। डॉ. रमीज मलिक का व्यवहार कैसा था? स्टाफ में कार्यरत महिला डॉक्टरों से वह कैसे पेश आता था? महिला मरीजों के साथ उसका कैसा व्यवहार था? इसके साथ ही पुलिस और खुफिया विभाग यह जानकारी जुटा रहे हैं कि कहीं डॉ. रमीज के किसी और हिंदू महिला से संपर्क तो नहीं हैं?
पहली शादी के नहीं मिले दस्तावेज
इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय ने बताया कि डॉ. रमीज की एक और साथी हिंदू महिला जिसने उस पर धर्मांतरण कराकर शादी करने का आरोप लगाया था, वह प्राथमिक जांच में दस्तावेज मुहैया नहीं करा पाई है। उसने मौखिक आरोप लगाया था। इस संबंध में उसने न तो पहले कोई तहरीर दी थी न अब दी है। उस महिला को भी नोटिस जारी किया जा रहा है। अधिकारिक रूप से उसके भी बयान दर्ज किए जाएंगे। उन बयानों को भी रमीज के खिलाफ दर्ज मुकदमे में शामिल किया जाएगा।
आरोपी डॉ. के मोबाइल की भी शुरू हुई जांच
पुलिस आरोपी डॉ. रमीज के मोबाइल की भी जांच कर रही है। पुलिस उसकी कॉल डिटेल्स के साथ ही गैलरी की फोटो और व्हाट्सऐप चैट खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि यह इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य डॉ. के खिलाफ काफी अहम साबित होंगे। इंस्पेक्टर ने बताया कि मोबाइल को जल्द ही विधि विज्ञान प्रयोग शाला की फोरेंसिक मोबाइल लैब में भेजा जाएगा।
यह है मामला
केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग में तैनात रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक पर महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप लगाया था। पीड़िता पश्चिम बंगाल के हावड़ा की रहने वाली है। उसने चौक कोतवाली में लिखित तहरीर दी थी कि वह जुलाई में डॉ. रमीज के संपर्क में आई थी। रमीज ने शादी का झांसा देकर उसका कई महीने तक शोषण किया था। शादी के लिए कहा तो उसने इस्लाम स्वीकारने का दबाव बनाया था। इस्लाम न स्वीकारने पर उसने छोड़ दिया था। पीड़िता की तहरीर पर चौक कोतवाली में डॉक्टर रमीज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने डॉक्टर रमीज के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, गर्भपात कराने, धमकी देने, धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 2021 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय के अनुसार महिला डॉक्टर का मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है। आरोपी डॉ. रमीज को नोटिस जारी किया गया है कि वह जांच पूरी होने अथवा पीड़ित महिला डॉ. के कोर्ट में बयान दर्ज न हो जाने तक शहर से बाहर नहीं जाएगा। रमीज से निकाह का दावा करने वाली दूसरी महिला को भी नोटिस जारी किया जा रहा है। उसके भी बयान दर्ज किए जाएंगे। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
और पढ़ें


