
यूपी के इस नगर निगम में फूटा पार्षदों का गुस्सा, बोर्ड बैठक शुरू होते ही हंगामा
गोरखपुर नगर निगम सभागार में 15 वीं बोर्ड बैठक शुरू होते ही माहौल गरमा गया। पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। कई पार्षद अपनी जगहों पर खड़े होकर अपनी बात करने लगे। कुछ पार्षद बहिष्कार की बात करते हुए बाहर जाने लगे। इनमें भाजपा पार्षदों के साथ समाजवादी पार्टी के पार्षद भी शामिल रहे।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर नगर निगम में सदन की 15वीं बैठक शुरू होते ही पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। एक पार्षद के भतीजे पर मुकदमा दर्ज होने से पार्षदों में नाराजगी है। पार्षदों ने इसके अलावा सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। यह बैठक ढाई महीने बाद आयोजित की गई है। लेकिन बैठक की शुरुआत से ही हंगामा शुरू हो गया। इस बैठक में बीते 10 जून को हुई 13वीं बैठक और 20 जुलाई को हुई 14वीं बैठकों की कार्यवाही की पुष्टि भी की जानी है। इसके अलावा 14 और 15 जून को हुई 12वीं बैठक की अनुपालन आख्या भी सदन में प्रस्तुत की जाएगी।
गोरखपुर के कान्हा उपवन नगर वार्ड 38 से भाजपा पार्षद छोटे लाल के भतीजे के खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज किए जाने से भाजपा पार्षद आक्रोशित हैं। नगर निगम के मेट ने 29 सितंबर को राजघाट थाने में रिंकू (पार्षद छोटे लाल के भतीजे), सत्य प्रकाश और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप है कि महेवा हाजिरी स्थल पर मेट और सुपरवाइजर पर हमला किया गया और गालियां दी गईं। भाजपा पार्षदों का कहना है कि दुर्गा पंडालों की सफाई शिकायत पर निगमकर्मियों ने साजिश के तहत फर्जी केस दर्ज कराया। पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने तब ही कहा था कि यदि प्रशासन ने केस वापस नहीं कराया, तो भाजपा पार्षद सदन से बहिष्कार करेंगे। तभी से बैठक में हंगामे की आशंका जताई जा रही थी। सोमवार को ऐसा ही हुआ।
नगर निगम सभागार में 15 वीं बोर्ड बैठक शुरू होते ही माहौल गरमा गया। पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। पार्षद अपनी जगहों पर खड़े होकर अपनी बात करने लगे। कुछ पार्षद बहिष्कार की बात करते हुए बाहर जाने लगे। इनमें भाजपा पार्षदों के साथ समाजवादी पार्टी के पार्षद भी शामिल रहे।

लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
और पढ़ें



