पंकज चौधरी के यूपी बीजेपी अध्यक्ष बनने से नई चुनौती, मंत्रिमंडल विस्तार पर लगीं नजरें

रोहित मिश्र, लखनऊ
Follow us on Google News
share

पंकज चौधरी के यूपी बीजेपी अध्यक्ष बनने से पार्टी के सामने नई चुनौती भी आ गई है। सीएम योगी और पंकज चौधरी दोनों ही गोरखपुर से हैं। ऐसे में सियासी संतुलन साधने के लिए अब मंत्रिमंडल विस्तार पर नजरें लग गई हैं। माना जा रहा है कि मकर संक्रांति यानी अगले महीने की 15 तारीख के बाद इस पर फैसला हो सकता है।

पंकज चौधरी के यूपी बीजेपी अध्यक्ष बनने से नई चुनौती, मंत्रिमंडल विस्तार पर लगीं नजरें

यूपी में भाजपा सरकार का चेहरा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। सात बार के सांसद और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी रविवार को प्रदेश संगठन के सिरमौर हो जाएंगे। दोनों ही गोरखपुर क्षेत्र से आते हैं। संगठन और सरकार के एक ही क्षेत्र में केंद्रित हो जाना भाजपा के लिए नई चुनौती होगी। इससे उबरने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार से उसे सियासी संतुलन साधना होगा। सूत्र बताते हैं कि मकर संक्रांति के बाद मंत्रिमंडल विस्तार संभव है।

प्रदेश में भाजपा की पहली सरकार कल्याण सिंह की अगुआई में बनी थी। वह अलीगढ़ के अतरौली से आते थे। जब वह मुख्यमंत्री हुए तब पूर्वांचल से आने वाले कलराज मिश्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे। ऐसा ही अन्य अवसरों पर भी रहा। भाजपा संगठन और सरकार के चेहरे अलग-अलग क्षेत्र से चुनती रही है। इससे क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का संतुलन बना रहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल के दरम्यान पांच प्रदेश अध्यक्ष रहे।

लक्ष्मीकांत बाजपेयी मेरठ, केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज, डा. महेंद्र नाथ पांडेय गाजीपुर, स्वतंत्र देव सिंह मिर्जापुर और भूपेंद्र चौधरी सिकंदरपुर से थे। योगी के कार्यकाल में पंकज चौधरी छठे प्रदेश अध्यक्ष होंगे। पंकज चौधरी महराजगंज लोकसभा सीट से आते हैं। हालांकि, उनका पैतृक निवास गोरखपुर में ही है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत भी गोरखपुर नगर निगम के पार्षद के तौर पर की थी। ऐसे में संगठन और सत्ता का संतुलन बनाए रखने की जुगत तलाशनी ही होगी।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार से यह संतुलन साधा जाएगा। इसके अलावा प्रदेश भाजपा संगठन की नई टीम में पश्चिम को ज्यादा तवज्जो मिल सकती है।

स्मृति की दूसरी राजनीतिक पारी के संकेत

पंकज चौधरी के नामांकन के दौरान अमेठी से सांसद रहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की दूसरी राजनीतिक पारी का संकेत भी मिला। बीते साल अमेठी से लोकसभा चुनाव हारने के बाद यह पहला मौका था जब वह भाजपा के बड़े कार्यक्रम का हिस्सा रहीं। अमेठी में मिली पराजय के बाद स्मृति ने राजनीतिक दूरी बना ली थी और वह एक बार फिर टीवी की दुनिया में वापस हो गई थीं। शनिवार को वह न केवल पंकज चौधरी के नामांकन में शामिल हुईं, बल्कि वह उनकी प्रस्तावक भी बनीं। राजनीतिक जानकार इसे स्मृति ईरानी की दूसरी सियासी पारी के संकेत के तौर पर देख रहे हैं। उनका मानना है कि पार्टी अब भी उनके राजनीतिक इस्तेमाल की संभावनाएं बनाए रखे है।

Yogesh Yadav

लेखक के बारे में

Yogesh Yadav

योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, UP News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News, और lucknow Weather अपडेट हिंदी में पढ़ें। साथ ही UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Election 2027 Candidates से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsUP Newsपंकज चौधरी के यूपी बीजेपी अध्यक्ष बनने से नई चुनौती, मंत्रिमंडल विस्तार पर नजरें