यूपी पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में गजब मामला पकड़ाया, एसडीएम बोले- जघन्य अपराध
यूपी के सुलतानपुर में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच वोटर लिस्ट में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने निर्वाचन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसडीएम ने इसे जघन्य अपराध बताया है।

उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां चल रही हैं। वोटर लिस्ट दुरुस्त की जा रही है। इसे लेकर गांवों में चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इस बीच सुलतानपुर के मोतिगरपुर ब्लॉक क्षेत्र में वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर अधिकारी भी हैरान हैं। शादी से पहले ही पत्नी के रूप में दुल्हन का नाम ससुराल की वोटर लिस्ट में शामिल हो गया है। ऐसे एक नहीं दो मामले सामने लाते हुए शिकायत की गई है। एसडीएम ने शिकायतों को देखने के बाद इसे जघन्य अपराध करार दिया और जांच के आदेश दे दिए हैं।
शादी 5 फरवरी को, लेकिन वोटर लिस्ट में पत्नी
मामला जयसिंहपुर तहसील के मैरी रंजीत गांव का है। यहां के निवासी उमेश सिंह ने एसडीएम को एक प्रार्थना पत्र सौंपते हुए निर्वाचन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया है। उमेश ने सबूत के तौर पर शादी का कार्ड पेश करते हुए बताया कि मतदाता सूची की क्रमांक संख्या 1268 (मकान संख्या 154) पर संजना सिंह का नाम पत्नी सचिन सिंह के रूप में अंकित किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि संजना और सचिन की शादी अभी हुई ही नहीं है। शादी के कार्ड के अनुसार, इनका विवाह 5 फरवरी 2026 को होना तय है। यानी शादी से पहले ही सरकारी कागजों में दुल्हन को ससुराल की मतदाता सूची में जगह मिल गई।
एक नहीं, दो-दो मामले आए सामने
शिकायतकर्ता ने केवल एक नहीं, बल्कि ऐसे दो मामलों का खुलासा किया है। सूची की क्रमांक संख्या 918 पर कृतिका सिंह का नाम पत्नी अनुराग सिंह के रूप में दर्ज है, जबकि इनकी शादी भी अभी फरवरी माह में होनी है। इसके अलावा बीएलओ पर आरोप है कि उन्होंने उन युवाओं के नाम भी सूची में जोड़ दिए हैं, जिनकी उम्र 1 जनवरी 2026 को भी 18 वर्ष पूरी नहीं हो रही थी। नियमों को ताक पर रखकर की गई इस मनमानी ने चुनावी पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगा दिया है।
प्रशासन सख्त, जांच के आदेश
इस फर्जीवाड़े की शिकायत मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। एसडीएम जयसिंहपुर प्रभात कुमार सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे 'जघन्य अपराध' बता दिया है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के साथ इस तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसडीएम ने तुरंत जांच के आदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि बीएलओ या जिस भी कर्मचारी की इसमें संलिप्तता पाई जाएगी, उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
चुनावी रंजिश और वोट बैंक का खेल
स्थानीय लोगों का मानना है कि पंचायत चुनाव में एक-एक वोट की कीमत होती है, इसलिए भावी उम्मीदवार और उनके समर्थक बीएलओ से सांठगांठ कर पहले ही 'फर्जी वोट' तैयार करवा लेते हैं। बाहरी लड़कियों को शादी से पहले ही गांव का वोटर बना देना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


