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पडरौना

क्रास जांच में खुली गड़बड़ी करने वाले सचिवों की पोल

हिन्दुस्तान टीम,पडरौनाPublished By: Newswrap
Wed, 22 Sep 2021 04:21 AM
क्रास जांच में खुली गड़बड़ी करने वाले सचिवों की पोल

पडरौना। निज संवाददाता

ग्राम पंचायत सचिवों ने शादी अनुदान की रकम आपात्रों को दिलाने के लिये मेहरबानी दिखायी थी , मगर क्रास जांच में मामला पकड़ में आने के बाद अब ग्राम पंचायत सचिवों के गले की फांस बनता दिख रहा है। समाज कल्याण विभाग से सामान्य व एससी वर्ग की बेटियों की शादी अनुदान दिलाने के लिये 75 आवेदन पत्रों पर सचिवों ने अपनी मुहर लगाते हुए सिफारिश की थी। शक होने पर इसकी दोबारा जांच एडीओ समाज कल्याण अधिकारियों ने की तो इसमें से 18 आपात्र मिल गये। इस पर डीएम ने आधा दर्जन ग्राम पंचायत सचिवों पर कार्रवाई करने के लिये निर्देश दिया है। डीएम के सख्त रूख अख्तियार करने से सचिवों में हड़कंप मचा हुआ है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय से सामान्य, एससी व एसटी वर्ग के बेटियों की शादी अनुदान के रूप में 20 हजार रूपये मिलते है। इस अनुदान की राशि पाने के लिये अभिभावकों ने आवेदन किये थे, इस पर ग्राम पंचायत सचिवों ने अपनी मुहर लगाते हुए अनुदान दिलाने के लिये सिफारिश कर दी थी। जब अनुदान की फाइल मंजूरी के लिये डीएम के पास पहुंची तो डीएम ने इसको दोबारा क्रास जांच कराने के लिये आदेश दिया था। इस पर जिला समाज कल्याण अधिकारी ने एडीओ समाज कल्याण को लगाकर सत्यापन कराया तो सामने आया कि इसमें 18 आवेदन ऐसे है जिनकी शादी बीते वित्तीय साल में हो गयी है। योजना के तहत आवेदन करने वाले वित्तीय साल में हुई शादी पात्र होते है। जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय ने जब दोबारा अनुमोदन के लिये फाइल डीएम के समक्ष रखी तो डीएम ने कहा कि आपात्रों के चयन करने वालों पर कार्रवाई होगी। इसके लिये डीएम ने डीडीओ आरएस गौतम व डीपीआरओ अभय यादव को ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिये निर्देश दिया है। इसके बाद ग्राम पंचायत सचिवों में हड़कंप मचा हुआ है।

शादी अनुदान की रकम 18 आपात्रों को दिलाने के मामले में डीएम के निर्देश पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ स्पष्टीकरकरण जारी किया गया है। संबंधित सचिवों का जवाब आने के बाद परीक्षण किया जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होगी।

अनुज मलिक, सीडीओ

डीएम की दोबारा जांच कराने से सरकार का बच गया 3.60 लाख

डीएम एस राजलिंगम ने शादी अनुदान की सूची मंजूरी देने से पहले दोबारा क्रास जांच कराने के लिये आदेश दिया था। इस पर क्रास जांच में 18 आपात्र मिले। अगर दोबारा जांच नहीं हुई होती तो इन आपात्रों के बैंक खातों में 20 हजार के हिसाब से 3.60 लाख रूपये ट्रांसफर हो जाती। डीएम की सतर्कता से सरकार की धनराशि आपात्रों के पास जाने से बच गयी।

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