Hindi NewsUP NewsOur fight with Indian state not BJP Hearing on Rahul Gandhi statement completes decision to come on 7th november
बीजेपी नहीं, इंडियन स्टेट से हमारी लड़ाई, राहुल गांधी के बयान पर सुनवाई पूरी, 7 को आएगा फैसला

बीजेपी नहीं, इंडियन स्टेट से हमारी लड़ाई, राहुल गांधी के बयान पर सुनवाई पूरी, 7 को आएगा फैसला

संक्षेप:

हमारी लड़ाई भाजपा या आरएसएस से नहीं, बल्कि 'इंडियन स्टेट' (भारतीय राज व्यवस्था) से है। राहुल गांधी के इस बयान को लेकर संभल की अदालत में दायर याचिका में सुनवाई पूरी हो गई है। अदालत ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। अब सात नवंबर को कोर्ट फैसला सुनाएगी।

Tue, 28 Oct 2025 03:34 PMYogesh Yadav संभल भाषा
share Share
Follow Us on

संभल की एक अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एक टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ दायर मामले में मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अधिकारियों ने बताया कि फैसला सात नवंबर को सुनाया जाएगा। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) द्वितीय आरती फौजदार के समक्ष चंदौसी जिला न्यायालय में सुनवाई हुई, जहां दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें पेश कीं। यह मामला हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने दायर किया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी की टिप्पणियों ने "जनता की भावनाओं को आहत किया"।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

गुप्ता ने कहा kf 15 जनवरी को दिल्ली कांग्रेस कार्यालय के उद्घाटन के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि हमारी लड़ाई भाजपा या आरएसएस से नहीं, बल्कि 'इंडियन स्टेट' (भारतीय राज व्यवस्था) से है। उनके बयान ने देश भर के लोगों की भावनाओं को आहत किया। गुप्ता ने कहा कि उन्होंने शुरू में संभल जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक सहित कई अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने 23 जनवरी को चंदौसी अदालत में शिकायत दर्ज कराई।

ये भी पढ़ें:सड़क पर थूका तो 1000, डॉगी को पॉटी पर 500 जुर्माना, मोदी की काशी में नई नियमावली

मंगलवार को दलीलें पूरी होने से पहले मामले में 7 मई, 16 जून, 18 जुलाई, 25 अगस्त और 26 सितंबर को सुनवाई हुई। राहुल गांधी का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सगीर सैफी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहां कि मैंने आज यह तर्क देते हुए बचाव प्रस्तुत किया कि संशोधन याचिका विचारणीय नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और फैसले के लिए सात नवंबर की तारीख तय की।