साहब! जब जान निकल जाएगी, तब जलवाएंगे अलाव

साहब! जब जान निकल जाएगी, तब जलवाएंगे अलाव

संक्षेप:

Orai News - उरई में सर्दी ने तेजी पकड़ी है, लेकिन नगर पालिका ने अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की है। लोग ठंड से बचने के लिए पॉलीथिन जला रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर भी कोई अलाव नहीं है, जिससे यात्रियों और गरीबों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारी अभी तक कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।

Dec 11, 2025 09:58 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, उरई
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उरई। दिसंबर के साथ सर्दी ने रफ्तार पकड़ी है। सुबह शाम सर्द हवाएं लोगों के लिए आफत बनी है। पर कमाल की बात तो यह है कि अभी तक शहर में एक भी जगह पर अलाव के इंतजाम नहीं किए गए। पालिका ने टेंडर निकाल कर जिम्मेदारी पूरी कर ली है। इससे रैन बसेरे हो या फिर चाक चौराहे अथवा मेन बाजार। लोग और जरुरतमंद पॉलीथिन जलाकर ठिठुरन दूर रहे हैं। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने जब बुधवार आधी रात को शहर में भ्रमण कर मौका मुआयना किया तो प्रमुख स्थानों पर गरीब, बेसहारा सर्द हवाओं में ठिठुरते दिखाई पडे़। वह लोग बोले, साहब जब जान निकल जाएंगी, तब अफसर अलाव जलाने की खैर खबर लेंगे।

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रेलवे स्टेशन: रात 10 बजे, ठिठुरते रहे यात्री उरई। रेलवे स्टेशन एक ऐसा स्थान हैं, जहां पर दिन भर दो से ढाई हजार लोगों का आना जाना होता है। शाम सात बजे से सुबह आठ बजे तक साधु संतों के साथ गरीब, बेसहारा भी लेटे रहते है। पर सर्द हवाओं से बचाने के लिए स्टेशन के बाहर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे रात के वक्त जरुरतमंद कोने कतारे में सर्दी से बचते नजर आए। सर्द हवाएं चलने से मेन गेट के बाहर बैठी बुजुर्ग महिला बुरी तरह से कंपकपा रही थी। ऐसा ही हाल खुले बरामद में लेटे जरुरतमंदों का देखा गया। लेट मिले साधु गोपाल व रामवीर ने बताया कि अब तक अलाव जल जाने चाहिए थे। पता नहीं, इस बार नगर पालिका ने क्यों देरी कर दी।