मानक के अनुरूप नहीं मिली सड़क, दोबारा निर्माण के आदेश
Orai News - उरई में, प्रशासन ने विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सख्ती दिखाई। डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने सड़क निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया और खामियों पर ठेकेदार को सुधारने की हिदायत दी। सड़क में मानक के विरुद्ध सामग्री के इस्तेमाल से गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई गई। लापरवाही के लिए ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई।

उरई। विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।शुक्रवार को डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने रेलवे स्टेशन से बेरी वाले बाबा मजार होते हुए राठ रोड ओवर ब्रिज के नीचे तक सड़क का डामरीकरण, सुशील नगर, दयानंद वैदिक कॉलेज के समीप नगर पालिका परिषद द्वारा कराए जा रहे डामरीकरण सड़क निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। खामियां मने पर उनका पारा चढ़ गया। ठेकेदार को दस मार्च तक दोबारा काम करने की हिदायत दी गई अन्यथा की स्थिति में एफआईआर के साथ ही ब्लैकलिस्ट की चेतावनी दी गई। साथ ही अफसरों पर भी कार्रवाई होगी। डीवीसी के समीप नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे डामरीकरण कार्य में मानक के विरुद्ध कार्य पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त कर पालिका और विभागीय अधिकारी को सड़क का पुनः निर्माण कराने के निर्देश दिए।
जांच में पाया कि सड़क निर्माण में बिटुमिनस कंक्रीट की मानक मात्रा का प्रयोग नहीं किया गया। इसके स्थान पर पीसी सामग्री का उपयोग किए जाने से भारी वाहन चलने सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होने व क्षतिग्रस्त होने की आशंका व्यक्त की। इसे गंभीर लापरवाही मान डीएम ने निर्देश दिए कि कार्य को तत्काल मानक के अनुरूप दोबारा कराया जाए। डीएम ने कहा दि सड़क का पुनर्निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया तो संबंधित ठेकेदार एवं उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा कार्य पूर्ण होने से पूर्व तकनीकी परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए। डीएम ने कहा कि सार्वजनिक धन का सदुपयोग प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है इसमें गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी। ----- गांधी महाविद्यालय रोड की गुणवत्ता पर भी उठे थे सवाल उरई। नगर पालिका शहर में सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही हैं, यह बात तो डीएम के निरीक्षण में साफ हो चुकी है। डीवीसी अजनारी रोड से पहले गांधी महाविद्यालय रोड केे निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खडे़ हुए थे। वहां पर भी डीएम ने कमी पकड़ते हुए नए सिरे से सड़क बनवाए जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी पालिका के दो चर्चित अवर अभियंत नहीं सुधरे और मनमाने तरीके से काम किया गया। यही नतीजा यह रहा कि डीवीसी रोड निर्माण में भी मानकों को दरकिनार किया गया। --- चेतावनी का अवर अभियंता पर असर नहीं उरई। मानकविहीन सड़कों को लेकर सुर्खियों में आ चुके पालिका में अटैच दोनों अवर अभियंतों को आए दिन अफसरों की डांट खानी पड़ती है। कुछ माह पहले जब डीएम ने रामकुंड का निरीक्षण किया, तब भी इनको खूब फटकारा गया था। पर यह दोनों अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है। यही कारण है कि जब भी मौका मिलता हैं, पालिका अफसरों को गुमराह करते हुए ठेकेदारों के साथ मिलकर सड़कों के निर्माण में खेल कर देते है। स्थानीय लोगों की मांग है कि लापरवाही बरतने वाले अवर अभियंताओं को यहां से हटाया जाए।
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