कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे से शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त

Jan 01, 2026 10:12 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, उरई
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Orai News - उरई में पिछले पंद्रह दिनों से जारी कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सर्द हवाओं के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। दृश्यता कम होने से सड़कें सुनी हैं और बाजारों में रौनक कम है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगे और सर्दी की संभावना है।

कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे से शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त

उरई। दिसंबर का महीना बीत जाने के बावजूद सर्दी से राहत नहीं मिल सकी है। गुरुवार एक जनवरी को भी दोपहर तक शहर कोहरे की चादर में ढका रहा जबकि दिनभर सर्द हवाएं चलती रही। न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन तेज ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन और अधिक महसूस की गई। पिछले करीब पंद्रह दिनों से जारी कड़ाके की सर्दी ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लोग मजबूरी में ही घरों से बाहर निकल पा रहे हैं। आवश्यक कार्य निपटाने के बाद शाम होते ही कोहरे की चादर फिर से शहर को ढक लेती है, जिससे लोग अपने-अपने घरों में कैद हो जाते हैं।

बुधवार की रात से ही कोहरे का असर शुरू हो गया था जो गुरुवार सुबह और अधिक घना हो गया। दृश्यता बेहद कम रहने के कारण सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। इसी वजह से बहुत कम लोग ही घरों से बाहर निकले, जबकि जो वाहन सड़कों पर चले वे धीमी गति से लाइट जलाकर चलते नजर आए। सर्दी और कोहरे को देखते हुए विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया, जिससे बच्चों को सुबह की ठंड से राहत मिली। हालांकि, सुबह 10 बजे कार्यालय जाने वाले लोगों को कोहरे और सर्द हवाओं के बीच घरों से निकलना पड़ा। नया वर्ष शुरू होने के बावजूद लोग ठंड से निजात नहीं पा सके और ठिठुरते हुए अपने-अपने कार्यालयों और अन्य जरूरी कार्यों के लिए जाते रहे। सर्दी का असर कार्यालयों के कामकाज पर भी साफ नजर आया। कर्मचारी ठंड से बचाव के उपाय करते दिखे और कई कार्यालयों में हीटर चलते पाए गए। सुबह और शाम के समय सर्दी से बचने के लिए कई स्थानों पर लोग सड़क किनारे लकड़ी या कागज जलाकर तापते नजर आए। आमतौर पर जहां मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है, वहां भी इन दिनों सर्दी के कारण भीड़ कम दिखाई दे रही है। बाजारों में भी रौनक कम है। शाम ढलते ही सर्दी के तेवर और तीखे हो जाते हैं, जिससे सड़कों पर आवाजाही और घट जाती है। रात होते-होते बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है और पूरा शहर ठंड के आगोश में सिमट जाता है। कोहरे और सर्द हवाओं ने थामा शहर का पहिया उरई। पिछले पंद्रह दिनों से जारी कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे ने उरई में आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह से दोपहर तक छाया रहने वाला कोहरा और दिनभर चलने वाली सर्द हवाओं के कारण सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। दृश्यता घटने से वाहन चालकों को लाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ रहा है। बाजारों, मुख्य सड़कों और कार्यालय क्षेत्रों में भी भीड़ कम दिखाई दे रही है, जबकि शाम होते ही सर्दी के बढ़ते प्रकोप के कारण लोग घरों में सिमटने को मजबूर हो जा रहे हैं। शीत लहर ने लोगों को किया घर में कैद उरई। मौसम वैज्ञानिक कुलदीप गुप्ता ने कहा कि अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस है लेकिन शीत लहर चलने से मौसम में ठंडक बढ़ी हुई है। शीत लहर के बचाव के लिए बच्चे और बुजुर्ग घरों में रहे और जरूरी ही काम हो तो घर से निकले क्योंकि आने वाले दिनों में और भी सर्दी पड़ने की संभावना है।

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