
सौ वर्ष पूर्ण होने पर आरएसएस के स्वयं सेवकों ने पत्रक बांटकर सिद्धांत बताए
Orai News - कालपी(उरई) में आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में घर-घर जाकर जन संपर्क कार्यक्रम शुरू किया। हर्षित खन्ना ने केशव बस्ती में संघ के बारे में जानकारी दी और भारत माता की प्रतिमा को समर्पित किया। संघ ने 1925 में अपनी स्थापना की थी और आज यह विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है।
कालपी(उरई)। संवाददाता संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में आरएसएस के कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर जन संपर्क कार्यक्रम शुरू किया गया। इसी परिप्रेक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी एवं आरएसएस कार्यकर्ता हर्षित खन्ना द्वारा केशव बस्ती में घर-घर एवं प्रतिष्ठानों में जाकर के संपर्क करके संघ के बारे में बताया गया। भारत माता की प्रतिमा को दिया गया एवं पत्रक देकर संघ के बारे में जानकारी दी। हर्षित खन्ना बताते हैं कि 1925 की विजयदशमी को शुरू हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। संघ आज विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन बन गया है। इसलिए स्वाभाविक ही संघ को जानने की उत्सुकता समाज में बढ़ी है।

संघ कार्य के प्रथम चरण में संगठन खड़ा करना ही प्रमुख कार्य था और उस हेतु व्यक्ति निर्माण की प्रतिक्रिया को गतिमान करना आवश्यक था। किसी भी श्रेष्ठ कार्य को उपहास, अपेक्षा, विरोध और फिर स्वीकार्यता के चरणों से गुजरना पड़ता है वैसे ही संघ को भी इन सभी चरणों से गुजरना पड़ा। दुर्भाग्य से हमारे ही समाज के कुछ वर्गों को अछूत मानकर शिक्षा सुविधाओं और सम्मान से वंचित रखा गया यह सरासर अन्यायपूर्ण और अमानवीय है। सृष्टि हमारे सभी प्राणियों की मां है परंतु भौतिकवादी जीवन के बढ़ते प्रभाव के कारण प्रकृति का शोषण ही होता रहा है। भारतीय संस्कृति और परंपरा में कुटुंब का विशेष महत्व है भारतीय आध्यात्मिक सृष्टि से यह कुटुंब यानी मैं से हम की यात्रा का पहला कदम है। किसी भी देश के विकास के लिए उस देश के जो संसाधन है उसके आधार पर विकास के मार्गों को प्रशस्त करना चाहिए। हर हालत में संविधान नियम कानून और अनुशासन का पालन करके चलना कोई भड़काऊ बात हो गई तो भी कानून हाथ में नहीं लेना गैर कानूनी आचरण नहीं करना। गत सौ वर्ष से यह महायज्ञ अवरत रूप से चल रहा है।

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