तीन बड़ी चोरियों का नहीं हुआ खुलासा
Orai News - उरई के एट थाना क्षेत्र में पिछले आठ महीनों में हुई तीन बड़ी चोरी की घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती बन गई हैं। एक करोड़ रुपये से अधिक की चोरी के मामलों का खुलासा नहीं होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित परिवारों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

उरई। एट थाना क्षेत्र में आठ माह के भीतर हुई तीन बड़ी चोरी की घटनाएं पुलिस के लिए अब तक चुनौती बनी हुई हैं। करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की इन वारदातों का खुलासा न होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं, वहीं पीड़ित परिवारों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एट थाना क्षेत्र में हुई बड़ी चोरियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। आठ माह में तीन स्थानों पर एक करोड़ से अधिक की चोरी की घटनाएं हुईं, लेकिन पुलिस किसी भी मामले का खुलासा नहीं कर सकी। सबसे बड़ी घटना पिंडारी में 13 जनवरी को हुई थी।
किसान गजेंद्र सिंह पटेल माघ मेला गए थे। 20 जनवरी को लौटने पर घर का मुख्य गेट टूटा पाया। कमरों के दरवाजे खुले थे और सामान बिखरा था। अलमारी से पत्नी के 30 तोला और बहू के 28 तोला सोने के जेवरात, करीब तीन किलो चांदी व अन्य कीमती सामान गायब था। पीड़ित के अनुसार 80 लाख रुपये की चोरी हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन 40 दिन बाद भी चोरों का सुराग नहीं लगा। दूसरी घटना दिसंबर में एनटीपीसी प्लांट में हुई, जहां चोरों ने लाखों रुपये के बिजली उपकरण पार कर दिए। इस मामले में भी मुकदमा दर्ज हुआ, पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। तीसरी वारदात 20 जुलाई 2025 को ट के वार्ड-5 हनुमानगढ़ी में सर्राफा व्यापारी व बसपा के युवा नेता अनिल कुमार सोनी के घर हुई। परिवार के साथ वैष्णो देवी दर्शन पर गए सोनी 25 जुलाई को लौटे तो तिजोरी टूटी मिली। करीब दो लाख रुपये नकद और लगभग 10 लाख के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो चुके थे। आठ माह बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। एसपी द्वारा क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में तीन टीमें गठित किए जाने के बावजूद अब तक सफलता नहीं मिल सकी है। लगातार हो रही बड़ी चोरियों से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और पीड़ित परिवार पुलिस की कार्यशैली से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। ------------ प्रभारी निरीक्षक के कार्यकाल में नहीं खुलीं बड़ी वारदातें उरई। एट थाना क्षेत्र में हुई तीन बड़ी चोरियों का खुलासा न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। मौजूदा प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार पांडेय के कार्यकाल में पिंडारी की 80 लाख रुपये की चोरी, एनटीपीसी प्लांट से लाखों के उपकरण पार होने की घटना और कस्बा एट में सर्राफा व्यापारी के घर 10 लाख रुपये की चोरी जैसी संगीन वारदातें सामने आईं। इन घटनाओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। -------- तीन टीमें गठित, फिर भी नहीं मिला सुराग उरई। बड़ी चोरियों के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने दावा किया था कि जल्द ही घटनाओं का खुलासा कर दिया जाएगा, लेकिन कई सप्ताह और महीनों का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। लगातार हो रही देरी से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल और गहराते जा रहे हैं।
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