ओवरलोड ट्रकों की वापसी से फिर खतरे में करोड़ों की सड़क, प्रशासन मौन
Orai News - आटा। संवाददाता आटा इटोरा मार्ग के नए निर्माण के बाद भी हालात नहीं

आटा। संवाददाता आटा इटोरा मार्ग के नए निर्माण के बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। बीस करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सड़क पर एक बार फिर ओवरलोड बालू से लदे ट्रकों का कहर शुरू हो गया है, जिससे न केवल सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं बल्कि राहगीरों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।सोमवार रात आटा चौराहे से गुजर रहे एक ओवरलोड बालू से लदे डंपर का टायर अचानक हाईवे के बीचों-बीच फट गया, जिससे कुछ देर तक जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान वाहनों की कतार लग गई और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बाद में वाहन चालक धीरे-धीरे साइड से निकलकर आगे बढ़ सके, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी तरह के ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही के कारण पहले भी यह सड़क पूरी तरह से जर्जर हो गई थी, जिसके बाद भारी खर्च कर इसका निर्माण कराया गया था। बावजूद इसके, जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते वही हालात दोबारा बनते नजर आ रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर किसकी मिलीभगत से रात के अंधेरे में ये ओवरलोड ट्रक बेखौफ दौड़ रहे हैं और प्रशासन इस पर कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे क्यों बैठा है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो करोड़ों की लागत से बनी यह सड़क फिर से बर्बादी की कगार पर पहुंच सकती है और किसी बड़े हादसे से भी इंकार नहीं किया जा सकता।बोले जिम्मेदारखनन अधिकारी शनि कौशल ने बताया की जानकारी की जाएगी। अगर ओवरलोड वाहनों का निकलना पाया गया तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी। रात में लगातार टीम हाइवे पर चेकिंग करती है। बीते दिनों कई वाहनों को ओवरलोडिंग में चालान करने के साथ-साथ उनका सीज भी किया जा चुका है।
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