एआई से जीवन सरल, संवेदनशीलता से हुआ क्षरण
Orai News - उरई में डीवी कॉलेज के नेशनल साइंस क्लब ने विज्ञान वरदान या अभिशाप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें छात्रों को एआई के फायदे और नुकसान के बारे में जागरूक किया गया। प्राचार्य डॉ. राजेश चन्द्र पाण्डेय ने चेतावनी दी कि एआई मनुष्य का स्थान न ले, अन्यथा अनर्थ हो सकता है।

उरई। डीवी कॉलेज में नेशनल साइंस क्लब, बीएड विभाग के तत्वावधान में वनस्पति विज्ञान विभाग में गोष्ठी हुई। इसमें विज्ञान वरदान या अभिशाप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बारे में छात्र-छात्राओं को जानकारी देकर एआई से होने वाले फायदे और नुकसान के लिए जागरूक किया। साइंस डे पर साइंस क्लब द्वारा विज्ञान वरदान या अभिशाप कृत्रिम बुद्धिमत्ता के संदर्भ में गोष्ठी में साइंस विभाग और बीएड विभाग के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। गोष्ठी का शुभारंभ कर प्रोफेसर डॉ नीति कुशवाहा ने साइंस से एआई का परिचय कराते हुए जानकारी दी। वहीं आईक्यूएसी संयोजिका डॉ अलका रानी पुरवार ने बताया कि अगर कोई गिर जाए तो हम हंस देते हैं और यदि मोबाइल फोन गिर जाए तो जान निकल जाती है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि एआई सभी संस्थानों के आने पर मनुष्य का स्थान न ले अन्यथा स्थिति में अर्थ का अनर्थ हो सकता है। वहीं नेशनल साइंस डे पर विद्यार्थियों ने विचार व्यक्त किए। जिसमें बीएससी की छात्रा बुशरा ने प्रथम, स्नेहा कुशवाहा ने द्वितीय तथा बीएड की अभिलाषा पटेल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर विज्ञान वर्ग तथा बीएड विभाग के प्रो. सुरेंद्र सिंह चौहान, डॉ शरत श्रीवास्तव, डॉ राम किशोर गुप्ता, विजय कुमार चौधरी, डॉ राजेश पालीवाल, डॉ आराम सिंह, डॉ जीतेन्द्र प्रताप, डॉ आलोक पाठक, डॉ आशुतोष गुप्ता, डॉ बृज नारायण, विमलेश, सुरेश रहे। - एआई मनुष्य का स्थान न ले अन्यथा अर्थ का हो सकता अनर्थ - विज्ञान वरदान या अभिशाप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर छात्रों को किया जागरूक
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