Orai News: निकासा-करबला मार्ग दुर्दशा ग्रस्त होने से चलना हुआ मुश्किल
Orai News: कालपी के मोहल्ला निकासा का कर्बला जाने वाला मार्ग जलभराव से संकट में है। सड़क पर गहरे गड्ढे और कीचड़ के कारण वाहन और राहगीर दोनों परेशान हैं। नगर पालिका ने कई बार शिकायतों के बाद भी सुधार नहीं किया। क्षेत्रवासियों की मांग है कि इस समस्या का समाधान तुरंत किया जाए।

Orai News: कालपी, संवाददाता। कालपी के मोहल्ला निकासा से कर्बला जाने वाला मार्ग इन दिनों जलभराव से तालाब स्वीमिंगपूल के रूप में होकर रह गया। फलस्वरूप इस मार्ग से गुजरने के दौरान वाहनों तथा राहगीरों के शरीर दोनों के पुर्जे जरूर ढीले हो जाते हैं। निकासा- सड़क का डेढ़ दशक पहले नगर पालिका के द्वारा डामर का मार्ग बनाया गया था। लेकिन तत्समय सड़क की साइडों में नालियों का निर्माण नहीं कराया गया था। परिणामस्वरूप जल निकासी का कोई साधन नहीं है। जिससे पानी का जमाव सड़क में हों जाता है। वहीं सड़क के अगल बगल के भू स्वामियों ने प्लाटिंग,भवन तथा खेत तैयार कर लिए हैं।
आसपास के सभी स्थानों का पानी सड़क में भर रहा है। बारिश की कुछ बूंदें पड़ते ही सड़क इस तरह गायब हो जाती है। डामर की सड़क टापू दिखाई देती है। प्रतिदिन सुबह जब बच्चे स्कूल जाने के लिए इस मार्ग से गुजरते हैं तो अभिभावकों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। हिचकोले खाती बसें, कीचड़ में फिसलते दोपहिया वाहन और गड्ढों में गोते लगाते ई-रिक्शे—पूरा नजारा किसी स्टंट शो जैसा दिखाई देता है। वहीं एतिहासिक तथा धार्मिक रूप से विख्यात कर्बला की ओर जाने वाले अकीदतमंद हों या रोजमर्रा के राहगीर, सभी इस दलदली मार्ग से जान हथेली पर रखकर गुजरने को मजबूर हैं। कब कौन सा गड्ढा वाहन को झटका दे दे, कब कोई बाइक सवार फिसल जाए या कब कोई वाहन पलट जाये। इसकी कोई गारंटी नहीं है। मार्ग की बदहाली को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। लेकिन सड़क के गड्ढे भरने की सुध अब तक किसी को नहीं आई। नगर पालिका प्रशासन की नींद ऐसी गहरी बताई जा रही है कि लोगों को अब किसी बड़े हादसे का इंतजार होने की आशंका सताने लगी है। जिम्मेदारों की चुप्पी पर जनता का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि जल्द ही इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए।अब देखना यह है कि स्थानीय प्रशासन, पीडब्ल्यूडी, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिय, नगर पालिका जनता की पीड़ा को दृष्टिगत रखते हुये सड़क की मरम्मत कब तक कराते हैं।


