शिव वीथिका में 2200 वर्ष पूर्व के सिक्कों के साथ 14वी व 16वी शताब्दी के विदेशी सिक्कों का प्रदर्शन
Orai News - महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री शिव वीथिका का शुभारंभ किया गया। इसमें लगभग 2200 वर्ष पूर्व के कुषाण कालीन सिक्के, गुप्त साम्राज्य के सिक्के, और 14वीं से 16वीं शताब्दी के विभिन्न देशों के सिक्के और डाक टिकट शामिल हैं। इस आयोजन में कई कलाकारों ने योगदान दिया और मुख्य अतिथि ने श्री शिव जी के महत्व पर प्रकाश डाला।
उरई, संवाददाता। महाशिवरात्रि के मौके पर श्री शिव वीथिका का शुभारंभ हुआ। जिसमें भगवान श्री शिव के चित्रों से युक्त आज से लगभग 2200 वर्ष पूर्व के कुषाण कालीन सिक्के, गुप्त साम्राज्य के सिक्के, इंदौर राज्य के सिक्के और दक्षिण भारतीय मैसूर राज्य ,शिव गंगा राज्य, मदुरई राज्य, विजयनगर राज्य आदि के 14वीं शताब्दी से 16वीं शताब्दी के सिक्कों के साथ-साथ नेपाल , चेस्का, थाईलैंड, सुमानी आदि देशों की मुद्राएं तथा डाक टिकट भी प्रस्तुत किए गए । महाशिवरात्रि के पावन पुनीत अवसर पर इन्टैक उरई अध्याय, कानपुर बुंदेलखंड प्रांतीय कला धरोहर समिति संस्कार भारती तथा भारत विकास परिषद स्वामी विवेकानंद शाखा उरई के संयुक्त तत्वावधान में चूड़ी वाली गली स्थित संध्या पुरवार के निज निवास पर श्री शिव वीथिका का शुभारम्भ शंख ध्वनि के साथ हुआ।
उरई विकास प्राधिकरण के सचिव परमानंद यादव ने मां सरस्वती जी तथा श्री गणेश जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि श्री शिव जी को देवाधिदेव महादेव कहते हैं जो इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि श्री शिव समग्र सृष्टि के सर्वाधिक प्रिय देव हैं उनका पूरा परिवार ही पूजित है। श्री शिव निर्लिप्त भाव से अपने सभी भक्तों पर अपना शुभाशीष बनाए रखते हैं इसीलिए उन्हें भोले भंडारी भी कहते हैं। इस श्री शिव जी की अर्धनारीश्वर स्वरूप की तथा नन्दी पर सवारी करते श्री शिव परिवार की लगभग डेढ़ सौ वर्ष प्राचीन पेंटिंग्स विशेष आकर्षण का केन्द्र रहीं। इस वीथिका में श्री शिव के विभिन्न स्वरूपों तथा वासुकी नाग से युक्त विभिन्न आचमानियां भी प्रदर्शित की गई। मां नर्मदा जी के पवित्र जल धारा से प्राप्त विभिन्न आकृतियों से युक्त भिन्न-भिन्न नर्मदेश्वर महादेव के शिवलिंगों के साथ-साथ श्री शिवलिंगों से युक्त तमाम प्रकार के शंख इस वीथिका की शोभा बढ़ा रहे हैं। इस वीथिका में काजल राजपूत, प्रदीप पाटकर, डा राकेश गुप्ता, अनीता गुप्ता, प्रियन्का अग्रवाल, रीना अग्रवाल, रश्मि अग्रवाल, अंशुल अग्रवाल आदि का विशेष योगदान रहा। अंत में डा उमाकांत गुप्ता ने सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


