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रेलवे गेटों पर खराब पड़े हैडपंप, बूंद-बूंद पानी को प्यासे कर्मी

उरई। संवाददाता भीषण गर्मी चरम पर पहुंच गई है। पारा भी रोजाना 40 सेलिए दूसरों के दरवाजे खटखटाने पड़ते है। कई बार विभाग के छोटे, बडे़ अधिकारियों से...

रेलवे गेटों पर खराब पड़े हैडपंप, बूंद-बूंद पानी को प्यासे कर्मी
हिन्दुस्तान टीम,उरईTue, 14 May 2024 05:25 PM
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उरई। संवाददाता

भीषण गर्मी चरम पर पहुंच गई है। पारा भी रोजाना 40 से 42 डिग्री के बीच झूल रहा है। हर कोई बिलबिला रहा है, ऐसे में झांसी कानपुर रेलमार्ग के कई रेलवे गेटों पर हैंडपंप खराब पडे़ हुए है। किसी की जंजीर टूटी है तो किसी का बासर खराब है। कईयों में उसके अलावा भी तमाम कमियां है। इससे रेलवे कर्मियों को प्यास बुझाने के लिए दूसरों के दरवाजे खटखटाने पड़ते है। कई बार विभाग के छोटे, बडे़ अधिकारियों से कहा गया, लेकिन समस्या का आज तक समाधान नहीं हो सका।

झांसी रुट पर पड़ने वाले 176 भुआ कपासी में लगा हैंडपंप पिछले इन दिनों ठूंठ खड़ा है। इससे गेेट पर डयूटी करने वाले कर्मचारी व आने, जाने वाले लोग गला तर करने के लिए जूझते रहते है। भीषण गर्मी जब भी कर्मचारियों को प्यास लगती है तो उन्हेे या तो स्टेशन या फिर आसपास स्थित मकानों की कुंडी खटखटानी पड़्ती है। जबकि यह हैंडपंप जनवरी से पहले लगाया गया था। लापरवाही की बात तो यह है कि पांच माह पहले लगे हैंडपंप का घेरा तक नहीं बनाया गया। कुछ ऐसा ही हाल रेलवे स्टेशन के ब्रिज व बिल्डिंग के पास लगे दो हैंडपंप है। वह भी चलताऊ हालत में नहीं है। इससे कर्मचारियों व यात्रियों को दिक्कत होती है। कर्मचारियों की मानें तो कई बार संबंधित विभाग को मौखिक व लिखित रुप से अवगत कराया। आश्वासन तो हर बार दिया गया, पर समस्या का निस्तारण आज तक नहीं हो पाया। इसकेे चलते भीषण गर्मी में कर्मचारियों व यात्रियों को पानी के लिए परेशानी होती है। इधर, यात्रियों ने बताया कि हैंडपंप वैकल्पिक व्यवस्था है। जिस दिन टोटी वाले नल दगा दे गए, उस दिन लोगों को और दिक्कत हो जाएगी। जब हैंडपंप लगे हैं, जो उन्हें विभाग को ठीक करा देना चाहिए।

खारा पानी पीने को मजबूर हो रहे रेलवे कर्मी

इसी तरह 173 व 174रेलवे गेटों पर हैंडंपप तो लगे हैं, लेकिन खारा पानी दे रहे हैं। पीने योग्य पानी न होने की वजह से लोगों को खासी असुविधा होती है। कर्मचारियों को स्वच्छ पानी के लिए गांव के लोगों का सहारा लेना पड़ता है।

कोट-

जहां पर भी समस्या है, उसे जल्द ही दूर कराया जाएगा। वैसे ज्यादातर जगहों के हैंडपंप गर्मी से पहले ठीक करा दिए गए है।

-मनोज कुमार सिंह, उ.म.रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी

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