
यूरिया के लिए किसानों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा
Orai News - कालपी में किसान यूरिया की कमी से परेशान हैं। डीएपी की समस्या के बाद अब यूरिया के लिए भी उन्हें लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है, लेकिन फिर भी सीमित मात्रा में ही खाद मिल पा रही है। किसान निजी विक्रेताओं से ऊँची दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं।
कालपी। तहसील क्षेत्र में किसानों की मुसीबत कम नहीं हो रही है। डीएपी के बाद अब वह यूरिया के लिए लाईन में लगे हैं लेकिन फिर भी उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। वैसे खाद की किल्लत किसानों के लिए कोई नयी समस्या नहीं है बल्कि वह इससे वर्षो से दो चार होते आ रहे हैं हालाकि उन्हे सबसे ज्यादा समस्या डीएपी के लिए होती थी और इस वर्ष भी हुई थी उन्हे लाईन में लगने के बाद भी मुश्किल से 2 बोरी मिल रही थी हालाकि किसानों ने इस समस्या से जैसे तैसे पार पा ली थी और उन्हे लगा था कि अब उन्हें यूरिया के लिए नहीं भटकना पड़ेगा लेकिन ऐसा सोचना गलत साबित हुआ और डीएपी की तरह यूरिया की कमी उन्हे परेशान कर रही है।
पीसीएफ केन्द्र के प्रभारी धनीराम कुशवाहा के अनुसार उन्हे कुछ दिनों पहले एक ट्रक यूरिया मिली थी जो खत्म हो गई थी। जब से उनका गोदाम खाली है। हालांकि बुधवार को साधन सहकारी समिति महेवा में एक ट्रक यूरिया आई थी लेकिन किसानों की संख्या अधिक थी जिससे महज दो दो बोरी वितरण करने के बाद भी बड़ी संख्या में किसानों को खाली हाथ वापस जाना पड़ा है। नया पुरवा निवासी राममोहन, मगरौल निवासी सुधाकर, आदि किसानो की माने तो वह विगत कई दिनों से यूरिया लिए भटक रहे हैं पर खाद नहीं मिली है जिसके चलते मजबूरी में वह निजी खाद विक्रेताओं से ऊँची दरो पर खरीदने को मजबूर है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




