नहर की पटरी टूटी, 100 बीघे में गेहूं की फसल में भरा पानी
Orai News - रामपुरा के टीहर पुल के पास नहर की पटरी टूटने से लगभग 100 बीघे फसल पानी में डूब गई। किसानों ने कहा कि यह समस्या हर साल होती है और नहर विभाग केवल औपचारिकता निभाता है। इससे फसलों में गिरावट आने का डर है। किसान चाहते हैं कि नहर विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान करे।

उरई। रामपुरा के टीहर पुल के पास पचोखरा पुल की तरफ बीती रात नहर पटरी टूट गई इससे रामपुरा में करीब 100 बीघे फसल पानी में डूब गई। इससे किसानों में मायूसी छा हुई है। वहीं ग्रामीणों के मुताबिक नहर फटने का सिलसिला हर साल हो गया है। नहर विभाग नहर पटरी को सही कर औपचारिक जिम्मेदारी पूरी कर लेता है और फिर से पटरी टूटने से खेतों में पानी भरता हैं। रामपुरा क्षेत्र में फसलों में सिंचाई के लिए नहर निकली है। लेकिन रविवार रात रामपुरा के टीहर पुल से पचोखरा पुल की तरफ कुछ दूर नहर में क्षमता से अधिक पानी होने से पटरी टूट गई।
इससे खेतों में खड़ी गेहूं, लाही व बेझर की फसल में पानी भर गया। क्षेत्रीय किसान वीरसिंह, अप्पू, कमलापत, वीरेंद्र आदि लोगो ने कहा कि पिछले साल भी इसी जगह पर नहर की दो बार पटरी टूटी थी। जिससे नहर के समीपवर्ती खेतों को काफी नुकसान हुआ था। नहर के फटने के सिलसिला हर साल हो गया है। वहीं कहा कि इससे अब हवा चलने से फसलों में पानी भरा होने से फसलें गिर जाएंगी और पैदावार पर असर पड़ेगा। वहीं नहर विभाग नहर पटरी को सही कर औपचारिकता कर लेता है। जबकि, हकीकत तो यह हैं कि जब जब नहर पटरी टूटी है। तब सर्वप्रथम किसानों ने ही अपनी जान जोखिम में डाल नहर के पानी के बहाव को कुछ हद तक कम किया हैं। बाद में नहर विभाग ने मौके पर आकर नहर की मरम्मत की गई। किसानों ने कहा कि नहर विभाग इस समस्या का के निवारण के लिए पुख्ता इंतजाम करें। जिससे नहर की पटरी के फटने की पुनरावृत्ति न हो। ---- जिस जगह नहर की पटरी टूटी है वहां कुलावे पर एक पाइप था। किसानों ने एक पाइप और डाल दिया। जिससे मिट्टी लूज हो गई। इस लिए नहर टूटी है। जिसे फिर से बोरिया लगाकर पक्का कर दिया गया है। - जितेन्द्र कुमार, नहर विभाग के एसडीओ
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