Orai News: दुर्दशाग्रस्त सड़कें बन रहीं जानलेवा, विभाग नहीं दे रहा ध्यान
Orai News: उरई के सिरसाकलार क्षेत्र में टूटी हुई सड़कें लोगों के लिए जानलेवा बन गई हैं। आठ गांवों को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग जर्जर हो चुका है, जिससे घटना का डर बढ़ गया है। निवासियों ने प्रशासन से तुरंत मरम्मत की मांग की है। सड़कों की दुर्दशा से लोग और स्कूली बच्चे प्रभावित हैं।
Orai News: उरई/ सिरसाकलार, संवाददाता। अभी बरसात ढंग से शुरू भी नहीं हुई है लेकिन अर्से से टूटी पड़ी सड़कें आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। हालत यह है कि सड़कों पर हो चुके विशालकाय गड्ढों के कारण आए दिन वाहन इसमें पसर जाते हैं फिर भी इनमें सुधार नहीं हो रहा। अब बरसात शुरू होने के बाद तो हालात और खराब हो गए हैं। सिरसाकलार क्षेत्र के निवासी पिछले काफी समय से एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा समस्या का सामना कर रहे हैं। जीतामऊ, रायपुर, मानपुर, मड़ैया, अकबरपुर, मघापुर, करहिया और जखा जैसे आठ गांवों को जोड़ने वाला यह मुख्य संपर्क मार्ग, जो इन गांवों के निवासियों के लिए जीवन रेखा के समान है अब बदहाली के चरम पर है।
पिछले तीन माह से रायपुर स्थित मौरम घाट का संचालन शुरू होने के बाद से इस मार्ग पर भारी ट्रकों का आवागमन कई गुना बढ़ गया है, जिससे सड़क की हालत पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। हल्की सी बारिश होते ही यह रास्ता कीचड़ और गहरे गड्ढों में तब्दील हो जाता है, जिससे आवागमन करना जान जोखिम में डालने के समान है।
सड़क की समस्या और निवासियों का दर्द
इस बदहाली पर क्षेत्र के निवासियों ने अपनी गहरी नाराजगी और पीड़ा व्यक्त की है। पिंटू चौहान का कहना है कि मौरम घाट से चलने वाले भारी ट्रकों ने सड़क का नामोनिशान मिटा दिया है और अब यहां से निकलना किसी खतरे से खाली नहीं है। कल्लू चौहान ने बताया कि सड़क पर फैले कीचड़ के कारण आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं और भारी वाहनों के कारण हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है। गजेन्द्र सिंह सेंगर के अनुसार, प्रशासन की अनदेखी के चलते मौरम के ट्रकों के भारी दबाव में यह सड़क पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है, जिसके कारण ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। रविन्द्र ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जखा इंटर कॉलेज और अन्य स्कूलों में जाने वाले बच्चे इस फिसलन भरे रास्ते पर चलने को मजबूर हैं, जहाँ आए दिन वाहन पलटने की घटनाएं हो रही हैं।
सड़क की मरम्मत की आवश्यकता
यह संपर्क मार्ग न केवल स्कूली विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि ग्रामीणों के बाजार आने-जाने का भी एकमात्र साधन है। ग्रामीणों का कहना है कि मौरम घाट से हो रही कमाई के बावजूद इस सड़क की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। यदि समय रहते इस मार्ग का पुनर्निर्माण नहीं करवाया गया या भारी वाहनों के आवागमन को नियंत्रित नहीं किया गया, तो यहाँ किसी बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता। क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी और उप-जिलाधिकारी से पुरजोर मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि क्षेत्र के लोग सुरक्षित रूप से आवागमन कर सकें।
सड़कों की हुई दुर्दशा, वाहन खा रहे हिचकोले
एट। पिरौना से विरगुवा खुर्द होते हुए बसोब चांदनी से सीधे कोंच जोड़ने वाली सड़क अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। सड़क से लोगों को वाहन ले जाना मुश्किल हो गया है सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं जिससे वाहन तो हिचकोले खा ही रहे हैं लेकिन साथ मे लोगो की कमर टूट रही है। सड़क पर गड्ढों के साथ बड़े बड़े गिट्टे निकल आये हैं जिससे दो पहिया वाहन चालक कई दफा फिसल कर चुटहिल भी हो चुके है। नेशनल हाइवे पिरौना से शार्ट कट होते हुए यह सड़क कोंच को जोड़ती है लेकिन आज इस सड़क की हालत बद से बदत्तर हो गई है यह सड़क की हालत सबसे ज्यादा विरगुवा खुर्द से बसोब गांव तक ज्यादा खराब हो चुकी हैं महज लगभग 5 किलोमीटर का रास्ता बहुत ही ज्यादा खराब हो चुका है
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