जिला अस्पताल में बत्ती गुल होने से मरीज हुए बेहाल
Orai News - उरई के जिला अस्पताल में ठेकेदार की लापरवाही से रविवार को बिजली गुल हो गई, जिससे वार्ड में भर्ती मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्मी और अंधेरे में मरीजों के परिजन उन्हें हवा देने के लिए दफ़्ती का सहारा लेते दिखाई दिए। ठेकेदार ने भुगतान न होने का बहाना बनाकर बिजली ठीक नहीं की।
उरई। ठेकेदार की लापरवाही से जिला अस्पताल में रविवार को दोपहर में बिजली गुल होने के बाद वार्ड में भर्ती मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां गर्मी में पंखे बंद होने और बिजली जाने के बाद अंधेरे में मरीजों को दिक्कतें हुई। जिला अस्पताल में ठेकेदार की मनमानी का खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में दोपहर 1:30 बजे स्विच रूम में फाल्ट से अचानक पूरे अस्पताल की बिजली गुल हो गई। बत्ती जाने के बाद अस्पताल के वार्ड से लेकर इमरजेंसी के वार्ड में भी अंधेरा छा गया। वहीं जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों को बिजली जाने के बाद अंधेरे में और बिना पंखे के समय गुजारना पड़ा।
दोपहर में गर्मी के कारण पंखे बंद होने के बाद वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजन दफ़्ती या हाथ के पंखे के सारे अपने अपने मरीजों को हवा करते दिखाई दिए। आयुष्मान वार्ड में भर्ती रेनू 24 वर्ष पत्नी शनि निवासी तुलसी नगर ने बताया कि लूज मोशन के लिए भर्ती कराया गया है लेकिन गर्मी के कारण हाल बेहाल है। वहीं 18 दिन से वार्ड में भर्ती उमा रानी 65 वर्ष निवासी साकिन झांसी ने बताया कि एक घंटे से अधिक समय हो गया है लेकिन अंधेरे में बिजली गुल होने के बाद पंखे भी बंद पड़े हैं। वहीं वार्ड में भर्ती सायरा बेगम ने बताया की हड्डी का ऑपरेशन होना है इसलिए भर्ती किया गया है, लेकिन बिजली जाने से परेशानी हो रही है। उधर बच्चा बाद में भर्ती अद्वित तिवारी पुत्र विवेक तिवारी नया पटेल नगर के परिजनों ने बताया कि लूज मोशन के कारण बच्चों को भर्ती कराया गया है और ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई जा रही है। लेकिन काफी समय से बिजली न आने से बच्चे से लेकर हम सभी लोगों को परेशानी हो रही है।-पेमेंट न होने की बात कह ठेकेदार ने खड़े किए हाथउरई। अस्पताल में बिजली खराब होने की सूचना जब यहां काम करने वाले ठेकेदार विक्रम महेश्वरी को दी गई तो उसने कहा कि पिछला पेमेंट नहीं हुआ है इसलिए अस्पताल की बिजली सही नहीं की जाएगी। इसके बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बाहर से प्राइवेट लड़कों को बुलाकर बिजली ठीक कराने का प्रयास किया। तब जाकर एक घंटे से अधिक समय बीतने के बाद बिजली सप्लाई चालू हो सकी।-----शनिवार सुबह 7:45 बजे स्विच रूम में फाल्ट हुआ था और उसके बाद आधे अस्पताल की बिजली गुल हो गई थी। सीएमएस के चेंबर में लगा टीवी भी जल गया था। शनिवार को ओपीडी होने से शटडाउन के लिए कर्मचारियों ने कहा था तो उस वजह से शनिवार की जगह रविवार को बिजली बंद कराने के बाद ही सही कराई गई।- डॉ. एसपी सिंह, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल उरई
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