
ओपी राजभर ने फिर की CM योगी जमकर तारीफ, आजमगढ़ के बहाने सपा-बसपा पर निशाना
संक्षेप: ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि मैं जब अपनी पार्टी के संगठन के काम को लेकर आजमगढ़ में गया तो देखा कि अहिरौला-कप्तानगंज की दूरी 21 किलोमीटर है, लेकिन सड़क बहुत जर्रर हो गई थी। 21 से 22 साल तक यूपी में सपा और बसपा की सरकार रही लेकिन उस सड़क पर किसी का ध्यान नहीं गया।
यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की है। उन्होंने आजमगढ़ की एक सड़क के बहाने सपा-बसपा की पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला भी बोला। कहा कि जो काम सपा-बसपा की सरकार में नहीं हुआ वो सीएम योगी के नेतृत्व में पूरा किया गया।

एएनआई से बातचीत में ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि "मैं जब अपनी पार्टी के संगठन के काम को लेकर आजमगढ़ में गया तो देखा कि अहिरौला-कप्तानगंज की दूरी 21 किलोमीटर है, लेकिन सड़क बहुत जर्रर हो गई थी। 21 से 22 साल तक प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बसपा की सरकार रही लेकिन उस सड़क पर किसी का ध्यान नहीं गया। आजमगढ़ को सपा का गढ़ कहा जाता है लेकिन तब भी उस सड़क पर काम नहीं हुआ।
जब मैं गया तो वहां के स्थानीय लोगों ने मुझे रोक कर सड़क बनवाने का आग्रह किया। मैं जिस बैठक में गया था वहां पर भी करीब 56 प्रधानों ने मुझसे आग्रह किया। मैंने कहा लिखकर दे दीजिए। तब प्रधानों ने मुझे उस सड़क के निर्माण पर लिखित आवेदन दिया। मैं उसको लेकर मुख्यमंत्री जी से मिला। उन्होंने जांच कराई। मामले की जांच हुई और जांच के बाद सड़क निर्माण का बजट स्वीकृत हो गया है। मुख्यमंत्री ने उसे स्वीकृत कर दिया है। हम मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने इस ओर संज्ञान लिया। जो काम सपा और बसपा की सरकार में नहीं हुआ उस काम को योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरा किया गया है।"
रैली करेंगे, सीएम को देंगे न्योता
सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि परसों मैं एक बार फिर सीएम योगी आदित्यनाथ से मिला था। उन्होंने निर्माण की स्वीकृति दे दी है। उन्होंने कहा कि 16 या 23 नवम्बर को आजमगढ़ उसी सड़क के बगल में जनता इंटर कॉलेज के मैदान में बड़ी रैली करेंगे। उसमें सीएम योगी आदित्यनाथ को भी न्योता दिया है। ताकि जनता इस बात को जानें कि जो काम सपा और बसपा के समय में नहीं हुआ वो सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुआ है।





