
घर-घर एक रुपए में कलेक्शन से बदल रही ग्राम पंचायतों की तस्वीर, कई गांव हुए मालामाल
यूपी की राजधानी लखनऊ में घर-घर एक रुपए में कचरा कलेक्शन से ग्राम पंचायतों की तस्वीर बदल रही है। आरआरसी में कचरे की छंटनी कर खाद बनाने और प्लास्टिक व लौह कचरे की बिक्री के जरिए हजारों रुपए की आमदनी हो रही है। कई गांव मालामाल हो गए हैं।
एक रुपए में घर-घर कचरा कलेक्शन से राजधानी लखनऊ के ग्राम पंचायतों की तस्वीर बदल रही है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत मोहनलालगंज की एक दर्जन ग्राम पंचायतों में हर घर से कूड़ा कलेक्शन कर रिसोर्स रिकवरी सेंटर्स पर उसका निस्तारण किया जा रहा है। आरआरसी में कचरे की छंटनी कर खाद बनाने और प्लास्टिक व लौह कचरे की बिक्री के जरिए हजारों रुपए की आमदनी हो रही है। कई गांव मालामाल हो गए हैं। सरकार की इस पहल से ग्रामीणों को जागरूक कर गांवों में स्वच्छता की व्यापक मुहिम चलाई जा रही है।
शहरों की तर्ज पर सरकार के स्वच्छता अभियान में मोहनलालगंज के गांव भी पीछे नहीं हैं। मोहनलालगंज की नटौली सिसेंडी भद्दी सिर्स, विरसिंहपुर, उतरावां, पतौना व डलौना समेत एक दर्जन पंचायतें ई रिक्शा चलाकर प्रतिदिन एक रुपए में गांव के हर घर से कूड़ा कलेक्ट कर रही हैं। नटौली के ग्राम प्रधान सुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने बताया घरों से कलेक्ट किए हुए कूड़े को आरआरसी पर लाकर छंटनी की जाती है। फिर घास फूस छिलके सड़े गले फल सब्जी समेत अन्य डिस्पोजेबल वेस्ट से खाद बनाई जा रही है। जबकि प्लास्टिक शीशा, लोहा और पॉलीथीन कचरे को अलग कर कबाड़ में बिक्री की जा रही है। एडीओ पंचायत अशोक यादव ने बताया नटौली के 500 घरों में से लगभग आधे घरों के लोग प्रतिमाह यूजर चार्ज जमा कर रहे हैं। जबकि कचरे और खाद की बिक्री कर अब तक 50 हजार से अधिक की आमदनी भी हो चुकी है। इसी तरह सिसेंडी में भी 15 हजार की आमदनी की गई है। अन्य पंचायतों में भी लोगों को कचरा यहां वहां नही फेंकने और यूजर चार्ज जमा करने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।
हाईटेक पंचायत भवन और सीसी कैमरे से लैस हो रहे गांव
राजधानी में हुलास खेड़ा, नटौली, कनकहा, सिसेंडी, समेसी, धनुवासांड, निगोहां समेत कई गांव में ग्रामीणों को ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मुहैया कराने के लिए शासन ने पंचायत भवनों में जन सेवा केन्द्रों का निर्माण कराया है। जहां पंचायत सहायक की नियुक्ति कर इंटरनेट और कंप्यूटर सिस्टम की सुविधा दी गई है। जबकि नटौली हुलास खेड़ा और निगोहां समेत कुछ अन्य गांव में सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए गए हैं। जिनसे आपराधिक वारदातों में कमी आ रही है।





