NCR की तर्ज पर यूपी SCR में तेज होगी रफ्तार, कानपुर से अयोध्या तक नमो भारत कॉरिडोर को हरी झंडी
देश की राजधानी दिल्ली के आसपास के जिलों को जैसे एनसीआर के रूप में विकसित किया गया उसी तरह अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आसपास के जिलों को मिलाकर एससीआर का विकास किया जाएगा। इस इलाके को नई रफ्तार मिलने जा रही है। कानपुर से अयोध्या तक 187 किलोमीटर लंबे नमो भारत कॉरिडोर को स्वीकृति मिली है।

UP News : यूपी वालों के लिए गुड न्यूज है। एनसीआर की तर्ज पर उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (यूपी एससीआर) के विकास को बड़ी गति देते हुए आवास विभाग ने कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इनमें 300 किलोमीटर लंबे यूपी एससीआर आउटर रिंग रोड और कानपुर से अयोध्या तक प्रस्तावित 187 किलोमीटर लंबे नमो भारत कॉरिडोर को सबसे बड़ी स्वीकृति मिली है। प्रमुख सचिव आवास की अध्यक्षता में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने नौ और 10 जुलाई को इस परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। जिसके बाद इनकी स्वीकृति का रास्ता खुला। रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत कानपुर के नयागंज से अयोध्या तक 187 किमी लंबा नमो भारत कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। करीब 32,000 करोड़ रुपए की इस परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
कानपुर से अमौसी तक 67 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनेगा
नमो भारत कॉरिडोर के पहले चरण में नयागंज से अमौसी तक 67 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जाएगा। मार्ग पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें नयागंज, उन्नाव, बसीरतगंज, नवाबगंज, बंथरा, अमौसी, सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटरिया और अयोध्या शामिल हैं।
बछरावां और संडीला बनेंगे नए औद्योगिक हब
एससीआर के तहत बछरावां को स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन और संडीला को विस्तारित औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। बछरावां में ऑटोमोबाइल, बिल्डिंग मैटेरियल, सेरेमिक, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। यहां पहले चरण में 12,500 करोड़ रुपए और दूसरे चरण में 13,500 करोड़ रुपए निवेश का प्रस्ताव है। वहीं संडीला में फूड प्रोसेसिंग, पेय पदार्थ, केमिकल, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स उद्योग विकसित किए जाएंगे। इसके लिए पहले चरण में 6,250 करोड़ रुपए और दूसरे चरण में 5,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
कॉरिडोर का होगा ओरिएंटेड डेवलपमेंट
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के दोनों ओर योजनाबद्ध शहरी और व्यावसायिक विकास के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। इससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
151 किलोमीटर की रिंग रेल परियोजना भी मंजूर
एससीआर के चारों ओर रिंग रेल विकसित करने की योजना को भी मंजूरी मिल गई है। कुल 151 किमी लंबे रेल कॉरिडोर का निर्माण दो चरणों में होगा। पहले चरण में 63 किलोमीटर और दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन विकसित की जाएगी।
नवाबगंज बर्ड सेंचुरी के संरक्षण को भी स्वीकृति
नवाबगंज बर्ड सेंचुरी के संरक्षण एवं पर्यटन विकास की विस्तृत योजना पर भी सहमति बनी है। परियोजना के तहत पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
क्या बोले एलडीए उपाध्यक्ष
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यूपीएससीआर की परियोजनाओं के लिए दो दिन लगातार शासन में बैठक हुई। प्रमुख सचिव ने उन अलग-अलग विभागों के साथ बैठक की जिन्हें आगे काम करना है। इसमें तमाम बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है। नमो कारिडोर, एससीआर आउटर रिंग रोड सहित तमाम परियोजनाओं पर सैद्धांतिक सहमति बन गई। अब इन परियोजनाओं पर आगे प्रमुखता से काम होगा।
इन परियोजनाओं पर भी बनी सहमति
-स्टेट म्यूजियम का पुनर्विकास।
-दुबग्गा-वरुण विहार क्षेत्र में इंटीग्रेटेड एग्री-ट्रेड, फूड चेन और लॉजिस्टिक हब का विकास।
-नैमिषारण्य को आध्यात्मिक-आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए ₹750 करोड़ की परियोजना।
-सीतापुर में मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण।
-उन्नाव के पूर्वी क्षेत्र और लखनऊ के गोसाईंगंज में नए ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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